असम से देवरिया ऐसे पहुंचता था गांजा, बरामदगी ने उड़ाए सबके होश

उत्तर प्रदेश एसटीएफ और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की संयुक्त टीम ने गुरुवार को सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 4 June 2026, 2:41 PM IST

deoria: उत्तर प्रदेश एसटीएफ और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की संयुक्त टीम ने सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है।

टीम ने बुधवार की रात सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के सहला के पास से चार तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये मूल्य का गांजा बरामद किया।

गिरफ्तार आरोपियों में सतना (मध्य प्रदेश) निवासी आशीष पांडे और संदीप कोल तथा देवरिया निवासी रितेश जायसवाल और आदर्श जायसवाल शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि गिरोह असम से गांजा मंगाकर उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में इसकी आपूर्ति करता था।

करोड़ों का गांजा बरामद

जानकारी के अनुसार आरोपियों की महिंद्रा पिकअप से लगभग दो कुंटल गांजा बरामद किया गया। इसके अलावा मुख्य आरोपी रितेश जायसवाल के घर पर छापेमारी के दौरान करीब दो कुंटल गांजा और बरामद हुआ। कुल बरामद गांजे की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 1.20 करोड़ रुपये आंकी गई है।

एसटीएफ और एनसीबी की टीम को गिरोह की गतिविधियों की गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद संयुक्त टीम ने निगरानी बढ़ाई और सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के सहला के पास घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। तलाशी के दौरान गांजे की बड़ी खेप मिलने पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

खाकी की सख्ती से टूटा शराब माफियाओं का नेटवर्क, देवरिया पुलिस ने फेल किया तस्करी का बड़ा प्लान

पूछताछ में पता चला कि देवरिया निवासी रितेश जायसवाल असम के एक तस्कर टिंकू मंसूर के माध्यम से गांजे की खेप मंगवाता था। मध्य प्रदेश के आशीष पांडे और संदीप कोल असम के मीसामारी क्षेत्र से पिकअप वाहन में गांजा लेकर आते थे और उसे देवरिया पहुंचाते थे।

सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे देते थे धोखा

तस्करों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को धोखा देने के लिए अपनी पिकअप पर सीआरपीएफ का स्टीकर लगा रखा था। रास्ते में वाहन रोके जाने पर वे पिकअप में सीआरपीएफ जवानों का घरेलू सामान होने की बात कहकर जांच से बचने का प्रयास करते थे। इसी तरीके से वे लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी कर रहे थे।

Gorakhpur: देवरिया बाईपास पर बाल श्रम का भंडाफोड़, पुलिस ने दो मासूमों को कराया मुक्त

मामले में कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों, वित्तीय लेन-देन और असम से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि तस्करी के इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

 

Location :  Deoria

Published :  4 June 2026, 2:37 PM IST