
लेखपाल रजनीश मिश्र निलंबित
Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सलेमपुर तहसील में तैनात लेखपाल रजनीश मिश्र को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी के जनता दर्शन में प्राप्त शिकायत और प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद की गई। मामले ने राजस्व विभाग में हलचल मचा दी है और इसकी व्यापक चर्चा हो रही है।
जानकारी के अनुसार सलेमपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सोनवर्षा निवासी प्रकाश यादव ने जिलाधिकारी के जनता दर्शन कार्यक्रम में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि संबंधित लेखपाल ने उनका कार्य कराने के नाम पर धनराशि ली, लेकिन इसके बावजूद काम नहीं किया। प्रकाश यादव का यह भी आरोप था कि बाद में उनसे और अधिक पैसे की मांग की गई। शिकायत को मजबूत करने के लिए उन्होंने एक वीडियो क्लिप भी प्रशासन को उपलब्ध कराई थी, जिसमें कथित तौर पर धन लेन-देन से जुड़े तथ्य सामने आए।
मामले को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य राजस्व अधिकारी द्वारा पूरे प्रकरण की जांच कराई गई। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित मामले में न्यायालय के आदेश का स्थलीय स्तर पर अनुपालन नहीं कराया गया था। जांच रिपोर्ट में लेखपाल पर लगे आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
प्रशासनिक जांच में अवैध धनराशि लेने और न्यायालय के आदेश का पालन न कराने के आरोपों की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की गई। अधिकारियों का मानना है कि सरकारी कर्मचारियों द्वारा इस तरह की लापरवाही और भ्रष्टाचार को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद जिलाधिकारी ने मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सलेमपुर दिशा श्रीवास्तव ने लेखपाल रजनीश मिश्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें रजिस्ट्रार कानूनगो (भूलेख) कार्यालय, सलेमपुर से संबद्ध किया गया है। प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रकरण की गहन जांच के लिए तहसीलदार सलेमपुर को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें पूरे मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग के कर्मचारियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। वहीं आम लोगों ने प्रशासन के कदम का स्वागत करते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Location : Deoria
Published : 19 June 2026, 9:37 PM IST