
ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों का धरना (img: Dynamite News)
Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया में विकास भवन पर ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर दो दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू किया है। उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी-ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के बैनर तले 16 और 17 अक्टूबर को आयोजित इस धरने में कर्मचारियों ने कथित उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने बैतालपुर के ग्राम पंचायत अधिकारी सोनू यादव और गौरी बाजार के संजीव गुप्ता का निलंबन वापस लेने समेत पांच सूत्रीय मांगें रखीं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर वे अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय ले सकते हैं।
धरने के दौरान बैतालपुर में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी सोनू यादव के निलंबन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, शौचालय निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में बारिश का पानी भरने से एक बच्चे की डूबकर मौत हो गई थी। कर्मचारियों का दावा है कि इस मामले में सोनू यादव की लापरवाही नहीं थी, इसके बावजूद उन्हें निलंबित कर दिया गया। उन्होंने निलंबन वापस लेने की मांग की और कहा कि कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तथ्यों तथा निष्पक्ष जांच के आधार पर होनी चाहिए।
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गौरी बाजार में तैनात संजीव गुप्ता के निलंबन का मामला भी धरने में उठाया गया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, अंबेडकर प्रतिमा से जुड़े विवाद के मामले में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। कर्मचारियों ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए निलंबन वापस लेने की मांग की।
कर्मचारियों ने निलंबन वापसी के अलावा ऑडिट से संबंधित अभिलेख जमा करने वाले दस कर्मचारियों की अनंतिम बहाली के आश्वासन को पूरा करने की मांग उठाई। इसके साथ ही अंत्येष्टि स्थल निर्माण से जुड़े मामले में संबंधित एडीओ पंचायत और बैतालपुर के एडीओ पंचायत के खिलाफ की गई प्रतिकूल प्रविष्टि वापस लेने की मांग भी की गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ग्राम पंचायत और ग्राम विकास अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं को लागू करने, स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ होने वाली कार्रवाई में निष्पक्षता और पारदर्शिता जरूरी है।
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समन्वय समिति ने फिलहाल दो दिवसीय शांतिपूर्ण धरना जारी रखने की बात कही है। कर्मचारियों के मुताबिक, यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है, तो ज्ञापन के माध्यम से अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया जा सकता है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग कर्मचारियों की पांच सूत्रीय मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।
Location : Deoria
Published : 16 October 2026, 4:43 PM IST
Topics : Deoria News protest UP News