अगर ये बन गया तो बच जाएगी जान: देवरिया में अर्जी लिए DM दफ्तर पहुंचे बेबस कदम, क्या दिव्यांग युवक की उम्मीद पूरी करेगा प्रशासन

देवरिया में सरकारी दफ्तर की चौखट पर बुधवार को पहुंचे उन बेबस कदमों के पीछे एक ऐसी मजबूरी छिपी थी, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। 100 प्रतिशत दिव्यांगता से जूझ रहा 27 साल का युवक आखिरकार एक कागज का टुकड़ा पाने के लिए डीएम दफ्तर क्यों पहुंचा और क्या उसे इलाज की वो आखरी उम्मीद मिल पाएगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 September 2026, 5:56 PM IST

Deoria: उत्तर प्रदेश के जनपद देवरिया के सरकारी दफ्तर की चौखट पर बुधवार को एक युवक ऐसी उम्मीद लेकर पहुंचा, जिसके लिए एक सरकारी कार्ड उसके लिए इलाज का सहारा बन सकता है। चलने-फिरने में परेशानी झेल रहा 27 वर्षीय युवक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और अपनी समस्या बताते हुए मदद की गुहार लगाई। युवक ने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज कराना मुश्किल है और अगर आयुष्मान कार्ड बन जाए तो उसे उपचार कराने में बड़ी मदद मिल सकती है।

इलाज की उम्मीद लेकर डीएम कार्यालय पहुंचा युवक

मामला देवरिया के रामपुर कारखाना विकासखंड के ग्राम बरनहीं, पोस्ट बरनही का है। गांव निवासी 27 वर्षीय विनय मौर्य पुत्र उदयभान मौर्य बुधवार को अपनी शिकायत लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। विनय ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आयुष्मान कार्ड बनवाने की मांग की। उसका कहना है कि वह 100 प्रतिशत दिव्यांग है और शारीरिक परेशानी के कारण सामान्य जीवन जीने में भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

ये भी पढ़ें: Deoria News: अधिवक्ता पर मुकदमे के बाद कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन, कोतवाल के निलंबन की मांग; जानें पूरा मामला

चलने-फिरने में होती है परेशानी

विनय के मुताबिक, दिव्यांगता के कारण उसे चलने-फिरने में काफी परेशानी होती है। लगातार उपचार और दवाओं की जरूरत पड़ती है, लेकिन आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह नियमित रूप से महंगा इलाज करा सके। युवक ने बताया कि बीमारी और शारीरिक परेशानी के बीच इलाज का खर्च जुटाना उसके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में वह सरकारी स्वास्थ्य सुविधा का लाभ लेने की उम्मीद कर रहा है।

आयुष्मान कार्ड को बताया इलाज का सहारा

विनय ने जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए कहा कि उसका आयुष्मान कार्ड अभी तक नहीं बन पाया है। उसका कहना है कि यदि कार्ड बन जाता है तो वह आवश्यक उपचार करा सकेगा। उसके लिए आयुष्मान कार्ड सिर्फ एक सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि इलाज की उम्मीद है। आर्थिक तंगी के बीच उपचार का खर्च उठाना मुश्किल होने के कारण वह सरकारी स्वास्थ्य योजना का लाभ लेना चाहता है।

सरकारी व्यवस्था के सामने खड़ा हुआ सवाल

विनय की फरियाद ने सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचने को लेकर सवाल भी खड़ा किया है। जब कोई जरूरतमंद व्यक्ति अपनी समस्या लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचता है, तो यह जरूरी हो जाता है कि उसकी शिकायत पर संबंधित विभाग समय से कार्रवाई करे। युवक का कहना है कि उसे इलाज की जरूरत है और वह सरकारी मदद के भरोसे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा है। अब उसकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।

ये भी पढ़ें: Deoria: चलते ट्रक में युवती से दुष्कर्म, चालक और खलासी हिरासत में

कार्रवाई का इंतजार

विनय मौर्य ने जिलाधिकारी से जल्द से जल्द आयुष्मान कार्ड बनवाने की मांग की है, ताकि वह अपना जरूरी इलाज करा सके। शिकायत मिलने के बाद अब संबंधित विभाग की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, यह देखने वाली बात होगी। अगर आयुष्मान कार्ड की प्रक्रिया पूरी होती है तो आर्थिक रूप से परेशान इस दिव्यांग युवक को उपचार कराने में मदद मिल सकती है। फिलहाल विनय को प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद है।

Location :  Deoria

Published :  23 September 2026, 5:56 PM IST