डर के आगे जीत है’ अखबारों में छपा पूरे पन्ने का विज्ञापन, शिक्षकों से अन्याय और अपमान के खिलाफ मतदान की अपील से गरमाई सियासत

गोरखपुर-फैजाबाद खंड के विधान परिषद चुनाव में सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) देवेंद्र प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी के समर्थन में खुलकर सामने...

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 22 October 2026, 6:00 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर-फैजाबाद खंड के विधान परिषद चुनाव में सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) देवेंद्र प्रताप सिंह ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी के समर्थन में खुलकर सामने आकर चुनावी मुकाबले को नया मोड़ दे दिया है। भाजपा के मौजूदा एमएलसी की ओर से सपा उम्मीदवार के पक्ष में की गई अपील ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में इस घटनाक्रम को भाजपा के लिए असहज राजनीतिक स्थिति के रूप में देखा जा रहा है।

सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी के समर्थन का संदेश

इस घटनाक्रम को लेकर 22 अक्टूबर को स्थानीय अखबारों में प्रकाशित पूरे पन्ने के विज्ञापन ने सबका ध्यान खींचा। सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी के समर्थन में प्रकाशित इस विज्ञापन में भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह और सपा उम्मीदवार की तस्वीरें एक साथ दिखाई गई हैं। विज्ञापन की प्रमुख टैगलाइन **‘डर के आगे जीत है’** रखी गई है। इसके जरिए शिक्षकों के बीच अन्याय और अपमान के खिलाफ आवाज उठाने तथा मतदान के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराने का संदेश दिया गया है।

विज्ञापन में देवेंद्र प्रताप सिंह की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए गए हस्तलिखित पत्र और उनकी अपील को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है। पत्र के माध्यम से उन्होंने शिक्षकों और मतदाताओं से अन्याय तथा अपमान के खिलाफ मतदान करने का आह्वान किया है। उनके वीडियो और सार्वजनिक अपीलों के जरिए भी सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी के समर्थन का संदेश सामने आया है।

भाजपा के भीतर असंतोष की चर्चा तेज

चुनाव के बीच भाजपा के मौजूदा एमएलसी का विपक्षी प्रत्याशी के समर्थन में सामने आना सामान्य राजनीतिक घटनाक्रम नहीं माना जा रहा है। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर संभावित नाराजगी और शिक्षक मतदाताओं के बीच चल रहे मुद्दों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, देवेंद्र प्रताप सिंह के रुख के पीछे के सभी कारणों और इस मामले में भाजपा नेतृत्व की आधिकारिक प्रतिक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।

शिक्षकों के मतदान पर टिकी निगाहें

गोरखपुर-फैजाबाद खंड के विधान परिषद चुनाव में शिक्षकों और संबंधित मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में देवेंद्र प्रताप सिंह की अपील का चुनावी समीकरणों पर कितना असर पड़ेगा, इस पर राजनीतिक दलों की निगाहें टिकी हैं। उनके समर्थन से सपा प्रत्याशी संजयन त्रिपाठी को कितना लाभ मिलेगा और भाजपा के मतदाताओं पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, इसका आकलन मतदान और चुनाव परिणाम के बाद ही हो सकेगा।

फिलहाल, अखबारों में प्रकाशित पूरे पन्ने के विज्ञापन और ‘डर के आगे जीत है’ के संदेश ने गोरखपुर की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। चुनावी मुकाबले के बीच यह घटनाक्रम कितना निर्णायक साबित होगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

Location :  गोरखपुर

Published :  22 October 2026, 6:00 PM IST