रायबरेली में कोडीन कफ सिरप के खेल का खुलासा, फर्जी दवा फर्मों में मचा हड़कंप

रायबरेली में कोडीन कफ सिरप और नारकोटिक्स दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए औषधि विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। फरवरी 2026 से सभी थोक दवा विक्रय प्रतिष्ठानों का लाइसेंस सत्यापन किया जाएगा।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 15 January 2026, 12:25 AM IST

Raebareli: रायबरेली में दवा कारोबार की आड़ में चल रहे खेल पर अब प्रशासन की कड़ी नजर पड़ गई है। कोडीन युक्त कफ सिरप और नारकोटिक्स श्रेणी की दवाओं के दुरुपयोग की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच औषधि विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। कई ऐसी फर्में सामने आई हैं जो कागजों में तो पंजीकृत हैं। जमीन पर उनका कोई अस्तित्व ही नहीं है। इसी को लेकर अब पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला

रायबरेली के औषधि निरीक्षक शिवेंद्र प्रताप सिंह ने केमिस्ट एसोसिएशन, समस्त थोक औषधि विक्रय व्यापारी संघ और थोक विक्रय प्रतिष्ठान या गोदाम के भवन स्वामियों को लाइसेंस सत्यापन को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा पिछले दो महीनों से चलाए गए विशेष अभियान के दौरान चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है।

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जांच में क्या निकला सामने

अभियान के दौरान पाया गया कि कई लाइसेंसी फर्में अपने पंजीकृत पते पर मौजूद ही नहीं हैं। कुछ फर्में ऐसी हैं जिन्हें लाइसेंस तो मिल गया, लेकिन वे कभी संचालित ही नहीं हुईं। वहीं कई पते ऐसे मिले जहां सिर्फ भवन स्वामी मौजूद थे। उन्हें यह तक जानकारी नहीं थी कि उनके परिसर में किसी दवा फर्म का लाइसेंस जारी है।

फरवरी से शुरू होगा सत्यापन

इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए आयुक्त के निर्देश पर फरवरी से प्रदेश भर में सभी थोक औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों का सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान यह देखा जाएगा कि लाइसेंसी फर्म स्वीकृत पते पर है या नहीं, दवाओं के भंडारण की व्यवस्था मानकों के अनुसार है या नहीं, सक्षम व्यक्ति यानी कंपिटेंट पर्सन मौके पर मौजूद है या नहीं और उसका अनुभव प्रमाण पत्र सही है या नहीं।

गोदाम और लाइसेंस पर भी नजर

साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि अगर दवाओं का भंडारण किसी अन्य स्थान पर किया जा रहा है तो उसके लिए अलग से गोदाम का वैध लाइसेंस लिया गया है या नहीं। औषधि निरीक्षक ने साफ कहा है कि नियमों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

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लाइसेंस सरेंडर का मौका

उन्होंने बताया कि सत्यापन शुरू होने से पहले यदि कोई थोक औषधि विक्रेता अपना लाइसेंस स्वेच्छा से निरस्त कराना चाहता है तो वह कार्यालय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, रायबरेली में आवेदन कर सकता है। इसके अलावा भवन मालिकों को भी सलाह दी गई है कि वे अपने स्तर से यह सुनिश्चित करें कि उनके परिसर में किरायेदार वैध लाइसेंस के तहत ही दवा का कारोबार कर रहा है।

Location : 
  • Raebareli

Published : 
  • 15 January 2026, 12:25 AM IST