बदायूं में ट्रैफिक पुलिस की मनमानी: कागजात पूरे होने के बावजूद गाड़ी का काटा चालान, अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल

बदायूं के पुलिस लाइन चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस की दबंगई का मामला सामने आया है। वैध कागजात होने के बावजूद टूर एंड ट्रेवल्स की गाड़ी का 10 हजार का चालान काटा गया। लेग गार्ड को अवैध बताया गया, जिससे चालकों में भारी रोष है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 October 2026, 12:56 PM IST

Budaun: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में ट्रैफिक पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शहर के व्यस्त पुलिस लाइन चौराहे पर चेकिंग के नाम पर वाहन चालकों को परेशान किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सभी कागजात दुरुस्त होने के बावजूद ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने एक टूर एंड ट्रेवल्स की गाड़ी का भारी-भरकम चालान काट दिया, जिससे स्थानीय लोगों और चालकों में रोष व्याप्त है।

चेकिंग के दौरान रोका गया वाहन, कागजात मिले पूरे

प्राप्त जानकारी के अनुसार, टूर एंड ट्रेवल्स की एक गाड़ी बदायूं के पुलिस लाइन चौराहे से होकर गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रैफिक इंस्पेक्टर मनोज कुमार वर्मा की जिप्सी वहां मौजूद थी। पुलिस ने वाहन को रोककर उसके कागजात दिखाने की मांग की। चालक ने जब गाड़ी के सभी आवश्यक दस्तावेज पेश किए, तो जांच में वे पूरी तरह वैध और मुकम्मल पाए गए। कागजों में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं मिलने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने वाहन को जाने नहीं दिया और कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया।

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कंपनी फिटेड लेग गार्ड को बताया अवैध, ठोक दिया 10 हजार का जुर्माना

दस्तावेजों में कोई खामी न मिलने पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने मामले में नया रुख अख्तियार किया। उन्होंने तर्क दिया कि गाड़ी में लगा बंपर या लेग गार्ड निर्धारित नियमों के अनुकूल नहीं है। इसी आधार पर वाहन का 10,000 रुपये का चालान काट दिया गया।

इस पूरी कार्रवाई पर जब गाड़ी के चालक से बातचीत की गई, तो उसने अपनी सफाई में बताया कि वाहन में लगा लेग गार्ड पूरी तरह से कंपनी फिटेड है। उसने अपनी तरफ से इसमें किसी प्रकार का कोई बदलाव या अलग से मॉडिफिकेशन नहीं कराया है। चालक ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका वाहन ऑल इंडिया परमिट पर संचालित होता है और देश के किसी भी हिस्से में आने-जाने के लिए अधिकृत है। इसके बावजूद, ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने कागजों की वैधता को नजरअंदाज करते हुए केवल लेग गार्ड के नाम पर दस हजार रुपये का भारी चालान थोप दिया।

पहले भी सामने आ चुके हैं मनमानी के मामले

इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और चालकों में भारी असंतोष देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि बदायूं में ट्रैफिक पुलिस की दबंगई इस समय अपनी चरम सीमा पर है। वैध दस्तावेज रखने वाले आम और पेशेवर चालकों को भी आए दिन बेवजह परेशान किया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ट्रैफिक इंस्पेक्टर पर जिले के उच्च अधिकारी इतने मेहरबान क्यों हैं कि उनके खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।

क्षेत्रीय लोगों का यह भी आरोप है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इसी ट्रैफिक इंस्पेक्टर द्वारा एक टेंपो चालक के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की बात सामने आई थी। आरोप है कि उस दौरान चालक को जूते से मारने की धमकी दी गई थी और गाली-गलौज की गई थी। हालांकि, उस गंभीर मामले में भी जिम्मेदार अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है और कोई एक्शन नहीं लिया गया है।

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सवालों के घेरे में ट्रैफिक व्यवस्था

जिले में लगातार बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस के इस तरह के रवैये को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता और चालकों का कहना है कि यदि मनमाने तरीके से चालान काटने का सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो विरोध प्रदर्शन तेज हो सकते हैं। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण को लेकर वाहन चालकों में असमंजस और आक्रोश का माहौल है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर से आंखें मूंदे बैठे नजर आ रहे हैं।

Location :  Budaun

Published :  12 October 2026, 12:56 PM IST