
गायों के आशियाने पर विवाद
Budaun: जिले के नगर पंचायत उसावा में लगभग 1 करोड़ 65 लाख 89 हजार रुपये की लागत से बन रही कान्हा गौशाला का निर्माण कार्य इन दिनों विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगने के बाद स्थानीय लोगों और गोसेवकों में नाराजगी है।
लोगों का कहना है कि जिस गौशाला को बेसहारा गौवंश के संरक्षण के लिए बनाया जा रहा है, वही अपनी मजबूती को लेकर सवालों के घेरे में है।
निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गौशाला की दीवारों के निर्माण में 'तलसा' ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। साथ ही सीमेंट और रेत-बालू की मात्रा भी मानक से काफी कम रखी गई है। निर्माण विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की सामग्री से बनी दीवारें ज्यादा दिन नहीं टिक पातीं।
वीडियो में गौवंश के लिए बनाई गई नाद यानी खुरली भी टूटी हुई दिखाई दे रही है। कुछ दिन पहले ही बनकर तैयार हुई दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ चुकी हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि एक दीवार पूरी तरह ढह गई है। टूटी दीवार की जांच में सामने आया कि 1 फीट 9 इंच मोटे बीम में सिर्फ 3 इंच की सरिया डाली गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह दीवार पूरी तरह तैयार होने से पहले ही गिर गई थी।
इसके अलावा गौशाला परिसर के अंदर लगाए गए तीन शेड भी तेज हवा के साथ उड़कर दूर जा गिरे। शेड के उड़ने से निर्माण की गुणवत्ता और इस्तेमाल किए गए एंगल व बोल्ट पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
मौके पर मौजूद कुछ मजदूरों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि उन्हें ठेकेदार और सुपरवाइजर के निर्देश के अनुसार ही काम करना पड़ता है। "हमें जो सामान दिया जाता है और जैसा नक्शा बताया जाता है, उसी हिसाब से हम दीवार और शेड बनाते हैं।
इस पूरे मामले पर नगर पंचायत उसावा के अधिशासी अधिकारी देवेंद्र प्रताप गौतम से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि गौशाला निर्माण के लिए अभी सिर्फ पहली किस्त ही जारी हुई है। जब उनसे घटिया सामग्री और गिरती दीवारों के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "मामले की पूरी जानकारी करवाई जाएगी। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।" इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया।
स्थानीय गोभक्तों और सामाजिक संगठनों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि निर्माण कार्य की तृतीय पक्ष से जांच कराई जाए। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस गौशाला में अगर अभी से इतनी खामियां हैं तो भविष्य में गौवंश की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। लोगों को डर है कि बरसात या तेज हवा में पूरा ढांचा गिर सकता है और कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
Location : Budaun
Published : 18 August 2026, 3:01 AM IST