प्रशासन की ना ने सब रंग किये फीके, जानिए बदायूं में ऐसा क्या हुआ?

बदायूं में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती पर प्रस्तावित भव्य आयोजन प्रशासन द्वारा अनुमति न मिलने के कारण रद्द हो गया। आयोजकों ने लाखों रुपये के नुकसान का दावा करते हुए फैसले पर नाराजगी जताई है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 31 May 2026, 1:03 AM IST

Budaun:  लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती पर शहर में धूम मचाने वाला भव्य कार्यक्रम ऐन वक्त पर प्रशासन की 'ना' के बाद  फीका पड़ गया। बदायूं में प्रस्तावित विशाल आयोजन के आखिरी वक्त पर रद्द होने से आयोजकों में आक्रोश है।

कार्यक्रम की सूत्रधार सुनीता पाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल की अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया। जिसका नतीजा हफ्तों की मेहनत और लाखों रुपये पर पानी फिर गया। आयोजकों का दावा है कि पंडाल, साउंड, कलाकारों की बुकिंग सब हो चुकी थी। अब सब धरा का धरा रह गया।

"ये सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, ये लोकमाता के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प था। इसे सांस्कृतिक-सामाजिक आयोजन बताकर रोक देना समझ से परे है," आयोजकों ने प्रशासन पर सवाल दागे।

भव्य आयोजन की कई समय पूर्व से चल रही थी तैयारी

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कई सप्ताह से चल रही थी तैयारी

आयोजकों ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती को यादगार बनाने के लिए कई सप्ताह से तैयारियां चल रही थीं। कार्यक्रम स्थल पर पंडाल, साउंड सिस्टम, मंच सज्जा और अन्य व्यवस्थाओं की बुकिंग पहले ही की जा चुकी थी। विभिन्न क्षेत्रों से कलाकारों और अतिथियों को भी आमंत्रित किया गया था। लेकिन अंतिम समय में अनुमति न मिलने के कारण पूरा आयोजन रद्द करना पड़ा।

आयोजन रद्द होने की खबर सामने आते ही सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। कई लोगों ने सवाल उठाया कि मातृशक्ति और सुशासन की प्रतीक मानी जाने वाली लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती के आयोजन को अनुमति क्यों नहीं दी गई। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

आयोजन की कई हफ्तों से चल रही थी तैयारी

सुनीता पाल ने की अपील

फिलहाल सुनीता पाल ने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे निराश न हों। अपने घरों, मोहल्लों में ही दीप जलाकर लोकमाता को याद करें और उनके 'सुशासन और सेवा' के आदर्शों को आगे बढ़ाएं।

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प्रशासन ने नहीं दिया स्पष्टीकरण

अब सभी की निगाहें प्रशासन के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हैं। यदि अनुमति न दिए जाने के कारणों को लेकर स्पष्ट जवाब सामने नहीं आता है, तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।

Location :  Budaun

Published :  31 May 2026, 12:47 AM IST