मुरादाबाद से गिरफ्तार BDS छात्र हारिश अली पर ISIS से जुड़े होने का आरोप है। UP ATS के अनुसार वह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित कर रहा था और विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में रहकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था।

मुरादाबाद से BDS छात्र हारिश अली गिरफ्तार (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Moradabad: उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियों ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए सहारनपुर निवासी बीडीएस सेकंड ईयर के छात्र हारिश अली को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी Uttar Pradesh Anti-Terrorism Squad द्वारा की गई है। एजेंसियों का दावा है कि आरोपी का संबंध अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन ISIS के सक्रिय मॉड्यूल से था और वह युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने में शामिल था।
सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से सुरक्षा एजेंसियों को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न हिस्सों में कुछ लोग गुप्त रूप से ISIS की विचारधारा का प्रचार कर रहे हैं। ये लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को जोड़ने, ब्रेनवॉश करने और उन्हें जिहादी सोच की ओर प्रेरित करने का काम कर रहे थे। इसी कड़ी में हारिश अली का नाम सामने आया।
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जांच में सामने आया है कि हारिश अली एक मेडिकल छात्र होने के बावजूद कथित तौर पर डिजिटल माध्यमों से कट्टरपंथी नेटवर्क चला रहा था। आरोप है कि वह पढ़ाई की आड़ में सोशल मीडिया पर कई ग्रुप बनाकर युवाओं को जोड़ता था और उनमें ISIS की विचारधारा का प्रचार करता था।
एजेंसियों का कहना है कि आरोपी VPN का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाता था, जिससे उसकी गतिविधियों को ट्रैक करना मुश्किल हो रहा था। इसके बावजूद तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी लोकेशन और नेटवर्क का पता लगाया गया।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि हारिश अली का संपर्क भारत के अलावा पाकिस्तान और अन्य देशों में बैठे ISIS हैंडलर्स से था। वह कथित तौर पर उनके निर्देशों का पालन कर रहा था और भारत में आतंकी नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा था।
एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी के कई ऑनलाइन ग्रुप्स में विदेशी आकाओं से मिले संदेश और निर्देश साझा किए जाते थे।
जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि आरोपी अपने नेटवर्क के माध्यम से ISIS के प्रचार से जुड़े वीडियो, ऑडियो, पत्रिकाएं और अन्य सामग्री साझा करता था। इसमें मारे गए आतंकियों की तस्वीरें और भाषण भी शामिल थे।
बताया जा रहा है कि इन ग्रुप्स में युवाओं को फिदायीन हमलों के लिए उकसाने और उन्हें जिहाद के नाम पर हिंसा के लिए तैयार करने की कोशिश की जाती थी।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हारिश अली की गतिविधियां देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती थीं। जिस तरह से वह युवाओं को प्रभावित कर रहा था, उससे भविष्य में बड़े आतंकी नेटवर्क के खड़े होने की आशंका थी।
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फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर उससे गहन पूछताछ की जा रही है। एजेंसियों को उम्मीद है कि इस मामले में और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं, जो इस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।