बलरामपुर में टायर विवाद के बाद ट्रक मालिक की थाने में बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत; दो सिपाही निलंबित

बलरामपुर के तुलसीपुर में ट्रक के टायर को लेकर विवाद के बाद रंजीत सैनी की मौत हो गई। परिजनों के आरोप पर मुकदमा दर्ज, दो सिपाही सस्पेंड।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 October 2026, 11:13 AM IST
Balrampur: उत्तरप्रदेश के बलरामपुर जिले के तुलसीपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां ट्रकों के टायर को लेकर पैदा हुआ एक मामूली विवाद एक व्यक्ति की जान पर बन आया। सेखुईनिया कला गांव के रहने वाले रंजीत सैनी की अचानक हुई इस मौत से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर घटनाक्रम को संज्ञान में लेते हुए पुलिस प्रशासन ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है, वहीं शुरुआती स्तर पर लापरवाही बरतने के आरोप में विभाग ने दो स्थानीय सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

ट्रक के टायर को लेकर शुरू हुआ विवाद

यह पूरा विवाद गाड़ियों के पहियों की अदला-बदली को लेकर शुरू हुआ था। मृतक रंजीत सैनी के पास अपने दो ट्रक थे, जो अक्सर बलरामपुर टोल प्लाजा के समीप बने मैदान में पार्क किए जाते थे। उसी जगह पर दूसरे ट्रक मालिक परमजीत सिंह सरदार की गाड़ियां भी खड़ी होती थीं। आरोप है कि परमजीत सिंह ने रंजीत पर अपने ट्रक का टायर चुपके से बदल लेने का झूठा लांछन लगाया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच फोन पर काफी तीखी बहस और कहासुनी हुई। परिजनों का सीधा आरोप है कि बातचीत के दौरान परमजीत ने रंजीत को न सिर्फ भद्दी-भद्दी गालियां दीं, बल्कि उन्हें जान से मारने और झूठे पुलिस मुकदमों में फंसाकर बर्बाद करने की धमकी भी दी, जिससे रंजीत गहरे मानसिक अवसाद और तनाव में चले गए थे।

थाने में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में कराया गया भर्ती

इस आपसी तकरार को खत्म कराने और दोनों पक्षों का समझौता कराने के उद्देश्य से स्थानीय तुलसीपुर थाने की पुलिस ने दोनों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। रंजीत सैनी अपने परिजनों के साथ तय समय पर थाने की चौकी पहुंच गए, लेकिन दूसरा पक्ष यानी आरोपी परमजीत सिंह वहां हाजिर नहीं हुआ। इसी दौरान थाने परिसर के भीतर इंतजार करते समय रंजीत को अचानक घबराहट होने लगी और अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। रंजीत की हालत नाजुक देखकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें तुरंत पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर भागे, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल बलरामपुर के लिए रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल में थोड़ी देर चले इलाज के बाद जब रंजीत की हालत कुछ स्थिर और सामान्य महसूस हुई, तो डॉक्टर की सलाह पर परिजन उन्हें वापस अपने घर ले आए। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; घर पहुंचने के बाद देर रात अचानक उनकी छाती में तेज दर्द उठा और तबीयत दोबारा बहुत ज्यादा खराब हो गई। घरवाले बिना समय गंवाए उन्हें दोबारा अस्पताल लेकर भागे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रंजीत के प्राण पखेरू उड़ चुके थे और डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम में क्या सामने आया?

इस आकस्मिक मौत के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आधिकारिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के डॉक्टरों ने साफ किया है कि मृतक के शरीर पर बाहर से किसी भी तरह की मारपीट, चोट या शारीरिक हिंसा के निशान नहीं पाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, रंजीत की मृत्यु का मुख्य कारण दिल की गंभीर बीमारी के चलते अचानक आया 'कार्डियोजेनिक शॉक' (हार्ट अटैक) था। फिलहाल, पुलिस ने परिजनों द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर आरोपी परमजीत सिंह सरदार के खिलाफ सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन अब इस बात की कड़ियों को जोड़ने में जुटा है कि आरोपी द्वारा दी गई मानसिक प्रताड़ना और इस आकस्मिक दिल के दौरे के बीच क्या कानूनी संबंध है, और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

Location :  Balrampur

Published :  23 October 2026, 11:08 AM IST