हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज ठप, कई कंपनियां और दफ्तर बंद

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की 3 दिन की हड़ताल का राज्यभर में असर दिखाई दे रहा है, इस हड़ताल के कारण 50 प्रतिशत कंपनियों पर बुरा असर पड़ा है। आइए जानते है इस आंदोलन का मुख्य कारण।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 23 October 2026, 10:19 AM IST
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Haryana: हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की 3 दिवसीय हड़ताल( 21 से 24 अक्टूबर) का राज्यभर में असर दिखाई दे रहा है, जिससे कई शहरों, गांवों और क्षेत्रों में बिजली-पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। 

हड़ताल का कारण 

हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) द्वारा गुरुग्राम और नूंह जिलों में Eleven power private limited को 25 साल का  घरेलू बिजली वितरण लाइसेंस(parallel distribution licence) सौंपे जाने के फैसले के खिलाफ हरियाणा में बिजली कर्मचारी और इंजिनियर यह आंदोलन कर रहे हैं। 

नौकरी की सुरक्षा का खतरा 

एकजुट संघर्ष मोर्चा का आरोप है कि निजी कंपनियों को समानांतर लाइसेंस देने से सरकारी बिजली निगमों को नुकसान होगा और चुनिंदा लाभ वाले शहरी क्षेत्रों में निजी कंपनियां काम करेंगी, जबकि घाटे वाले ग्रामीण इलाके सरकारी निगमों पर छोड़ दिए जाएंगे। इससे स्थायी और अनुबंध पर कार्यरत करीब 40,000 कर्मचारियों और इंजीनियरों की नौकरी की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। 

50% फैक्ट्रियां हुई बंद

गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, अंबाला, झज्जर, रोहतक और रेवाड़ी सहित राज्य के 15 जिलों में आपूर्ति बुरी तरह चरमरा गई है। 12 से 20 घंटे तक लगातार कट्स लगने की वजह से घरों के इन्वर्टर डेड हो चुके हैं, जिससे इंटरनेट (WiFi) और सबसे जरूरी—पीने के पाने की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। परेशान होकर फरीदाबाद (सारण चौक), कुरुक्षेत्र (अंबाला-हिसार नेशनल हाईवे), और गुरुग्राम (दौलताबाद फ्लाईओवर) में रहने वाले लोगों और ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर चक्का जाम और प्रदर्शन शुरू कर दिया है। 

सरकार और प्रशासन द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:

  • APTEL : प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया है कि सरकार विनियामक आयोग (HERC) के निजीकरण से जुड़े इस आदेश को चुनौती देने के लिए विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) का दरवाजा खटखटाएगी।

  • कर्मचारियों से  बातचीत: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बिजली कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने को बोला है और कहा है कि सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार है।

  • सुरक्षा और व्यवस्था: कानून व्यवस्था बनाए रखने और ग्रिड को सुरक्षित रखने के लिए सभी प्रमुख बिजली घरों और सब-स्टेशनों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। तकनीकी फॉल्ट ठीक करने के लिए अन्य विभागों के कर्मचारियों, आईटीआई (ITI) छात्रों और निजी ठेकेदारों के श्रमिकों की मदद ली जा रही है। 

  • छुट्टियां खत्म : इस  स्थिति को देखते हुए विभाग के सभी संबंधित अधिकारियों और फील्ड स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। 

 

Location :  New Delhi

Published :  23 October 2026, 10:19 AM IST

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