नवजात की मौत के बाद मचा परिजनों ने किया हंगामा! जांच में नोवा अस्पताल को लेकर हुआ बड़ा खुलासा

जिस मां-बाप ने 14 अगस्त को अपने घर आए नन्हे मेहमान के स्वागत की खुशियां मनाई थीं, 15 अगस्त की दोपहर तक लापरवाही और संवेदनहीनता के चलते वह खुशियां हमेशा के लिए मातम में बदल गईं। जांच के नाम पर उस मासूम से बार-बार खून लिया जाता रहा, पर सही वक्त पर सही इलाज नहीं मिला और सबसे दर्दनाक हादसा हो गया।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 15 August 2026, 11:05 PM IST

बलरामपुर: नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत स्थित नोवा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक नवजात शिशु की मौत के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। हरैया थाना क्षेत्र के कुटकुड्यों निवासी अमित कुमार यादव ने अपनी गर्भवती पत्नी खुशबू को बीते 13 अगस्त की देर रात अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां 14 अगस्त की सुबह उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया।

परिजनों का कहना है कि प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों की स्थिति सामान्य बताई गई थी, लेकिन जल्द ही नवजात की तबीयत बिगड़ने लगी। अमित यादव का आरोप है कि बच्चे की हालत गंभीर होने के बावजूद चिकित्सकों और स्टाफ ने समय पर समुचित डॉक्टरी इलाज मुहैया नहीं कराया और जांच के नाम पर बार-बार ब्लड सैंपल लेते रहे, जिससे स्थिति और बिगड़ती गई तथा 15 अगस्त को मासूम ने दम तोड़ दिया।

परिजनों ने किया हंगामा

​अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने मौके पर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया और नगर कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर सौंपी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और मामले की पड़ताल शुरू की। इसके साथ ही, मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी नोवा अस्पताल पहुंची। अधिकारियों ने लगभग डेढ़ घंटे तक अस्पताल के रिकॉर्ड्स, मरीज के इलाज से जुड़े अभिलेखों और अन्य दस्तावेजों का सघन निरीक्षण किया।

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बिना लाइसेंस के संचालित अस्पताल

इस दौरान एक चौंकाने वाली बात सामने आई कि अस्पताल प्रबंधन के पास वैध लाइसेंस नहीं था; यद्यपि उन्होंने लाइसेंस के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था, परंतु उसे अभी तक औपचारिक स्वीकृति नहीं मिली थी। बिना वैध लाइसेंस के अस्पताल संचालन के गंभीर मामले में स्वास्थ्य विभाग ने प्रबंधन को नोटिस जारी किया है।

​दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी

स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के अनुसार, नवजात की मौत के वास्तविक कारणों, चिकित्सा प्रक्रिया और अवैध संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट में यदि इलाज में कोताही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है। प्रबंधन का कहना है कि वे जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग कर रहे हैं और निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक तथ्य सबके सामने आएंगे। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग दोनों ही अपने-अपने स्तर पर मामले की गहराई से छानबीन कर रहे हैं।

Location :  Balrampur

Published :  15 August 2026, 11:03 PM IST