बलरामपुर में मध्यान्ह भोजन योजना में करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आया। पुलिस ने तीन और मुख्य आरोपी गिरफ्तार किए, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या 12 हो गई है। जांच में बड़े पैमाने पर तकनीकी हेरफेर और आपसी मिलीभगत का खुलासा हुआ।

आरोपी गिरफ्तार
Balrampur: बलरामपुर जिले में मध्यान्ह भोजन योजना का करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आने के बाद जिले की कानून-व्यवस्था में हड़कंप मचा हुआ है। कोतवाली नगर पुलिस ने इस संगठित घोटाले में शामिल तीन और मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पूरे मामले की गंभीरता का अंदाजा दिया है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि अब तक कुल 12 लोग इस मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं।
एसपी विकास कुमार के मुताबिक, यह घोटाला पूरी तरह डिजिटल था। आरोपी योजना की मूल एक्सेल शीट में हेरफेर कर कुछ चुनिंदा विद्यालयों के खातों में छात्र संख्या से अधिक धनराशि डाल देते थे और अन्य स्कूलों से समान राशि घटा लेते थे। कुल बजट सही दिखता था, लेकिन बीच की राशि का गबन किया जाता था। इस प्रक्रिया में विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान और अभिभावक समिति के अध्यक्ष आपसी मिलीभगत से शामिल थे।
मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर वकील अहमद नूरी, मोहम्मद मुख्तार और मोहम्मद नजीर को गिरफ्तार किया। इससे पहले फिरोज अहमद खान सहित 9 अन्य आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह जिला इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक है।
एसपी विकास कुमार ने कहा कि विवेचना अभी जारी है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी भ्रष्टाचार में शामिल पाए जाएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की टीमें अभी भी फरार संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी विद्यालयों और ग्राम पंचायतों को अलर्ट पर रखा है। अधिकारी लगातार जांच कर रहे हैं और जल्द ही सभी जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।