बलरामपुर चीनी मिल की डिजिटल रफ़्तार, 72 घंटे के भीतर 14.77 करोड़ का भुगतान कर रचा इतिहास

उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग में बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड ने भुगतान की एक नई मिसाल पेश की है। पेराई सत्र 2025-26 के बीच, मिल ने परंपरा से हटकर महज 72 घंटों सात से 09 जनवरी के भीतर खरीदे गए गन्ने का पूर्ण भुगतान 14.77 करोड़ रुपये सीधे अन्नदाताओं के खातों में क्रेडिट कर दिया है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 20 January 2026, 1:38 PM IST

आमतौर पर गन्ना भुगतान में होने वाली देरी किसानों के लिए बड़ी समस्या रही है, लेकिन सोमवार को जब किसानों के मोबाइल पर 'पेमेंट क्रेडिट' के मैसेज पहुंचे, तो क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। मिल के अधिशासी अध्यक्ष के.के. बाजपेई ने इस उपलब्धि पर कहा, हम केवल चीनी नहीं बनाते, हम किसानों का भरोसा भी कमाते हैं। हमारा लक्ष्य भुगतान के मामले में पूरे प्रदेश के लिए एक बेंचमार्क स्थापित करना है।

भुगतान के साथ-साथ मिल प्रबंधन ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीक अपनाने की सलाह दी है। बाजपेई ने विशेष रूप से को-15023, को-0118 और को-लख-14201 जैसी अधिक उपज वाली प्रजातियों की द्वितीय पेड़ी रखने पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसान साफ-सुथरा और ताजा गन्ना पर्ची की समय सीमा के भीतर लाते हैं, तो उनकी आय में 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है।

मिल प्रबंधन के अनुसार, पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी रखा गया है। पर्ची की वैधता और बेसिक कोटा बढ़ाने की अपील के साथ मिल ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हाथ बढ़ाया है। त्वरित भुगतान की इस 'स्मार्ट पॉलिटिक्स' ने पेराई सत्र के सफल संचालन को एक नई ऊर्जा प्रदान की है।

Location : 
  • Balrampur

Published : 
  • 20 January 2026, 1:38 PM IST