अब और नहीं सहेंगे! शिक्षकों के 15 दिन की छुट्टियों की मांग ने पकड़ा जोर, नीरज शेखर के दरवाजे से CM योगी तक पहुंची आवाज

टीएससीटी की बलिया जिला इकाई ने शिक्षकों के लिए 15 दिन विशेष अवकाश की व्यवस्था करने की मांग उठाई है। संगठन ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा को सेवानिवृत्ति के बाद भी जारी रखने की मांग करते हुए राज्यसभा सांसद नीरज शेखर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 30 August 2026, 8:01 PM IST

Ballia: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं और पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए टीचर सेल्फ केयर टीम (TSCT) की जिला इकाई ने शिक्षकों को वर्ष में 15 दिन का विशेष अवकाश दिए जाने की मांग उठाई है। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर टीएससीटी पदाधिकारियों ने रविवार को राज्यसभा सांसद नीरज शेखर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़ी मांगों के समाधान की अपील की।

कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था के लिए जताया आभार

टीएससीटी ने प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए लागू की गई कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था के लिए आभार व्यक्त किया। संगठन ने मांग की कि यह सुविधा शिक्षकों और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि रिटायरमेंट के बाद स्वास्थ्य संबंधी खर्चों का बोझ कम हो सके।

पदाधिकारियों ने कहा कि नौकरी के दौरान कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से शिक्षकों और कर्मचारियों को राहत मिली है, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद भी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें बनी रहती हैं। ऐसे में इस व्यवस्था को आगे भी जारी रखना आवश्यक है।

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14 आकस्मिक अवकाश को बताया अपर्याप्त

ज्ञापन में शिक्षकों को वर्ष में मिलने वाले 14 आकस्मिक अवकाश को वर्तमान सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के लिहाज से अपर्याप्त बताया गया।

टीएससीटी पदाधिकारियों ने शिक्षकों के लिए 15 दिवस के विशेष अवकाश की अलग व्यवस्था किए जाने की मांग की। संगठन का कहना है कि शिक्षकों को पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों को निभाने के लिए कई बार अतिरिक्त अवकाश की आवश्यकता पड़ती है।

पारिवारिक परिस्थितियों में आती है परेशानी

टीएससीटी पदाधिकारियों ने कहा कि परिवार या निकट संबंधी की मृत्यु, माता-पिता के अस्वस्थ होने, संतान के जन्म और स्वयं के विवाह जैसी परिस्थितियों में शिक्षकों को कई तरह की जिम्मेदारियों का निर्वहन करना पड़ता है।

ऐसी परिस्थितियों में सीमित आकस्मिक अवकाश होने के कारण शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। संगठन ने कहा कि विशेष अवकाश की व्यवस्था होने से शिक्षक अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगे।

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सांसद नीरज शेखर ने मुख्यमंत्री तक बात पहुंचाने का दिया आश्वासन

राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने टीएससीटी प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने पदाधिकारियों को आश्वासन दिया कि ज्ञापन में उठाई गई मांगों को उचित माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा।

टीएससीटी प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सरकार इस दिशा में सकारात्मक निर्णय करेगी।

इस अवसर पर जिला संयोजक सतीश सिंह, चंद्रशेखर पासवान, संजय कन्नौजिया, लालजी यादव, विजय राय, सूर्यप्रकाश यादव, आलोक कुमार सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

Location :  Ballia

Published :  30 August 2026, 8:01 PM IST