बलिया में कटहल नाला के विकास और सुंदरीकरण के लिए 18.07 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिल गई है। 25 जनवरी से शुरू होने वाली इस योजना से जलभराव से राहत और शहर को नई पहचान मिलेगी।

बलिया
Ballia: बरसात आते ही जलभराव, बदबू और गंदगी से जूझने वाला कटहल नाला अब जल्द ही बलिया शहर की पहचान बनने जा रहा है। जिस नाले को अब तक लोग मजबूरी में देखते थे, वही नाला आने वाले समय में सैर-सपाटे, हरियाली और स्वच्छता का नया केंद्र बनेगा। जिला प्रशासन ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कटहल नाला के विकास और सुंदरीकरण की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है।
18.07 करोड़ की परियोजना को मिली स्वीकृति
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में कटहल नाला के डिसल्टिंग, विकास और सुंदरीकरण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर कुल 18.07 करोड़ रुपये की लागत आएगी। नगर पालिका परिषद बलिया की सीमा में आने वाले कटहल नाला के लिए प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का भूमि पूजन 25 जनवरी को किया जाएगा।
दो किलोमीटर में बदलेगी नाले की तस्वीर
परियोजना के तहत परमंदापुर पुल से लेकर रामपुर महावल बैराज तक लगभग 2 किलोमीटर लंबाई में कटहल नाला का विकास और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। नाले की डिसल्टिंग के साथ-साथ दोनों किनारों पर पाथवे का निर्माण होगा, जिससे लोग सुरक्षित रूप से आवाजाही कर सकेंगे और सुबह-शाम टहलने का आनंद ले सकेंगे।
हरियाली और आधुनिक सुविधाओं का संगम
कटहल नाला परियोजना में सिर्फ जल निकासी ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण पर भी खास ध्यान दिया गया है। जगह-जगह ग्रीन स्पेस, ग्रीन पार्क और मियावाकी फॉरेस्ट विकसित किए जाएंगे। लोगों के बैठने के लिए बेंच लगाई जाएंगी और पूरे क्षेत्र में सोलर लाइटिंग की व्यवस्था होगी, जिससे रात में भी इलाका रोशन और सुरक्षित रहेगा। साथ ही पार्किंग जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
यूपी जल निगम करेगा निर्माण कार्य
इस परियोजना को कार्यदाई संस्था यूपी जल निगम (नगरीय) की इकाई कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएनडीएस), आजमगढ़ के माध्यम से पूरा कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुसार और तय समय-सीमा में पूरा किया जाए।
जलभराव से राहत और शहर को नया रूप
जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में जल निकासी की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी और बरसात के मौसम में जलभराव से लोगों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही बलिया शहर को एक स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल स्वरूप मिलेगा, जो आने वाले वर्षों में शहर के विकास की मिसाल बनेगा।