लखनऊ में शुरू हुई एक हाई-प्रोफाइल प्रेम कहानी आज चर्चा का विषय बनी हुई है। स्कूल की दोस्ती से शादी तक का सफर तय करने वाले इस जोड़े के रिश्ते में अचानक आई खटास ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ऐसा क्या हुआ कि सब कुछ बदल गया?

अपर्णा यादव और प्रतीक के दो-जिस्म-एक-जान की कहानी (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजनीति में जब भी बड़े बदलाव की आहट होती है, उसका असर सिर्फ सियासी गलियारों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवारों के भीतर भी उसकी गूंज सुनाई देने लगती है। समाजवादी परिवार, जिसे लंबे समय तक एकजुटता और आपसी तालमेल की मिसाल माना जाता रहा, आज एक निजी विवाद के चलते सुर्खियों में है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव और उनकी पत्नी अपर्णा यादव का रिश्ता अब ऐसे मोड़ पर आ खड़ा हुआ है, जहां सवाल सिर्फ तलाक का नहीं, बल्कि एक चर्चित प्रेम कहानी के टूटने का भी है।
अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं रही। दोनों की मुलाकात लखनऊ में पढ़ाई के दौरान हुई। हालांकि उनके स्कूल अलग-अलग थे, लेकिन इंटर स्कूल कार्यक्रमों और सामाजिक आयोजनों में उनका आमना-सामना होता रहता था। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी, दोस्ती हुई और यही दोस्ती आगे चलकर प्यार में बदल गई। उस वक्त अपर्णा को यह तक पता नहीं था कि प्रतीक यादव, समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार से आते हैं।
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साल 2001 में एक बर्थडे पार्टी ने इस रिश्ते को नई दिशा दी। प्रतीक अपर्णा से अपने दिल की बात कहना चाहते थे, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। उस दौर में मोबाइल फोन आम नहीं थे, ऐसे में उन्होंने अपर्णा से उनका ई-मेल आईडी मांगा। कुछ ही दिनों बाद अपर्णा के इनबॉक्स में प्रतीक के कई ई-मेल पहुंचे, जिनमें उनके प्यार का इजहार था। यहीं से दोनों का रिश्ता और मजबूत होता चला गया और वे एक-दूसरे के और करीब आ गए।
कभी प्यार और समझदारी से जुड़ा था यह रिश्ता (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
करीब 11 साल तक डेट करने के बाद साल 2012 में दोनों ने परिवार की रजामंदी से शादी कर ली। यह शादी बेहद हाई प्रोफाइल रही, जिसमें राजनीति, फिल्म और उद्योग जगत की कई नामचीन हस्तियां शामिल हुईं। अनिल अंबानी से लेकर अमिताभ बच्चन और जया बच्चन तक इस शादी के गवाह बने। उस वक्त अपर्णा और प्रतीक को 'दो-जिस्म-एक-जान' कहा जाता था।
शादी के बाद दोनों की राहें अलग-अलग क्षेत्रों में रहीं। अपर्णा यादव ने राजनीति को चुना और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं, जबकि प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहकर रियल एस्टेट और फिटनेस बिजनेस में सक्रिय रहे। सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीरें अक्सर एक खुशहाल परिवार की झलक देती थीं।
लेकिन अब यही रिश्ता सवालों के घेरे में है। हाल ही में प्रतीक यादव ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक भावुक और तीखा पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने अपर्णा यादव से जल्द तलाक लेने की बात कही। पोस्ट में उन्होंने अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए और मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया। इस पोस्ट के सामने आते ही निजी विवाद सार्वजनिक बहस में बदल गया और समाजवादी परिवार की सियासी छवि पर भी सवाल उठने लगे।
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अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस रिश्ते की शुरुआत दोस्ती, विश्वास और प्यार से हुई, उसमें आखिर जहर किसने घोला? क्या यह सिर्फ दो लोगों का निजी मतभेद है या इसके पीछे राजनीति और पारिवारिक दबाव भी भूमिका निभा रहे हैं? फिलहाल दोनों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और मामला अदालत तक पहुंचने की तैयारी में है। एक समय की चर्चित प्रेम कहानी अब अनिश्चितता और विवाद के अंधेरे में खोती नजर आ रही है।