Ambedkarnagar: 2019 के हादसे में गई थी शिक्षक की जान, अब मुआवजे पर बड़ा फैसला, जानें क्या है मामला

अंबेडकरनगर में 2019 के सड़क हादसे में शिक्षक की मौत से जुड़े मामले में अधिकरण ने बड़ा फैसला सुनाया। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद परिवार को मुआवजे के रूप में बड़ी राहत मिलने जा रही है। पढ़ें खबर में आखिर क्या है फैसला

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 28 June 2026, 10:16 AM IST

Ambedkarnagar: सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अंबेडकरनगर के शिक्षक दलीलुल्लाह चौधरी के परिवार को बड़ी राहत मिली है। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, अयोध्या ने बीमा कंपनी को मृतक के परिजनों को 99 लाख 21 हजार 504 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। अधिकरण ने इस राशि पर दावा याचिका दाखिल होने की तारीख से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देने के निर्देश दिए हैं।

2019 में हुआ था दर्दनाक हादसा

मामला 14 मई 2019 की रात का है। अंबेडकरनगर जिले के चिंतौरा मुबारकपुर निवासी दलीलुल्लाह चौधरी अपने बेटे अरहम अब्दुल्लाह के साथ स्कूटी से तरावीह की नमाज पढ़ने जा रहे थे। वह होर्वट त्रिलोकनाथ इंटर कॉलेज में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत थे।

इसी दौरान टांडा क्षेत्र के चिंतौरा खुर्द मार्ग पर एक तेज रफ्तार बाइक ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि दलीलुल्लाह चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई।

परिवार ने मांगा था 1.81 करोड़ से अधिक मुआवजा

शिक्षक की मौत के बाद उनकी पत्नी दरखशां गुलची और पुत्र ने मोटर यान अधिनियम के तहत मुआवजे के लिए दावा दाखिल किया था। परिवार ने 1.81 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति की मांग की थी।

दूसरी ओर, बीमा कंपनी और बाइक चालक की ओर से हादसे में बाइक की भूमिका से इनकार किया गया। हालांकि, अधिकरण ने पुलिस जांच, आरोप पत्र और मृतक के पुत्र के बयान को अहम मानते हुए बाइक चालक की लापरवाही को दुर्घटना का कारण माना।

वेतन और आश्रितों के आधार पर तय हुई राशि

पीठासीन अधिकारी रविकांत तृतीय ने मृतक की मासिक आय, उम्र और आश्रितों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुआवजे की राशि तय की। आदेश में बताया गया कि दलीलुल्लाह चौधरी का मासिक वेतन 79,632 रुपये था।

अधिकरण ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि तय मुआवजा राशि ब्याज सहित जमा कराई जाए। आदेश के अनुसार, मुआवजे की 50 प्रतिशत राशि पांच साल के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में रखी जाएगी, जबकि शेष रकम परिजनों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।

परिवार को मिली बड़ी राहत

करीब सात साल पुराने इस हादसे में आए फैसले को पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दुर्घटना में बाइक चालक की लापरवाही साबित होती है, इसलिए बीमा कंपनी क्षतिपूर्ति राशि देने के लिए जिम्मेदार है।

Location :  Ambedkarnagar

Published :  28 June 2026, 10:16 AM IST