“बेटा तू ठीक है… फिर भी अस्पताल चला जा”, काल के गाल से सुरक्षित लौटे लाडले को सीने से लगा बिलख उठा पिता

आगरा के सुभाष बाजार में मंतोला नाले पर बनी दो मंजिला कपड़ा दुकान अचानक भरभराकर ढह गई। अचानक हुए तेज धमाके के साथ पूरी इमारत समा गई, चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार मच गई। मलबे के बीच से कुछ को तो सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन एक बेबस बेटी की आँखें अब भी मलबे में किसी को तलाश रही हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 9 July 2026, 11:53 AM IST

Agra: "बचाओ... बचाओ..." की गूंजती चीखें, चारों तरफ फैला मलबा और आंखों के सामने अचानक पाताल में समाती एक दो मंजिला इमारत। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के व्यस्ततम सुभाष बाजार में बुधवार दोपहर एक ऐसा खौफनाक मंजर देखने को मिला, जिसने प्रत्यक्षदर्शियों की रूह कंपा दी। भारी बारिश के बीच जामा मस्जिद के पास मंटोला नाले पर बनी 'राधा स्वामी क्लॉथ स्टोर' अचानक एक जोरदार धमाके के साथ ढह गई और पूरी की पूरी दुकान नीचे बह रहे गहरे नाले में समा गई। करीब 15 मिनट तक बाजार में सिर्फ चीख-पुकार मचती रही। मलबे के साथ नाले में गिरे लोगों को बचाने के लिए स्थानीय व्यापारी और राहगीर जान हथेली पर रखकर आगे आए। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 5 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि एक बुजुर्ग महिला देर रात तक लापता थीं।

लखनऊ की सिपाही और डेढ़ साल की बच्ची समेत 6 लोग दबे

हादसे के वक्त बाजार में सामान्य चहल-पहल थी। कुछ लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों के छज्जों के नीचे छिपे थे। केदार नगर निवासी तुलाराम की इस कपड़े की दुकान में कर्मचारी ग्राहकों को साड़ियां दिखा रहे थे। इसी दौरान सैंया के नगला तेजा गांव की रहने वाली और लखनऊ में तैनात महिला सिपाही अनीता अपनी 60 वर्षीय मां गंगा देवी और डेढ़ साल की मासूम बेटी अनन्या के साथ खरीदारी करने दुकान के अंदर पहुंचीं। गंगा देवी अभी साड़ी देख ही रही थीं कि अचानक नाले का जर्जर लिंटर भरभरा कर टूट गया। पलक झपकते ही दुकान मालिक तुलाराम, उनका पोत्र कृष्णा, कर्मचारी लाला, महिला सिपाही अनीता, उनकी बेटी अनन्या और मां गंगा देवी मलबे के साथ गहरे नाले में जा गिरे।

प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी: 30 सेकंड तक कोई कुछ समझ ही नहीं पाया

सामने की दुकान में काम करने वाली खुशी ने बताया कि बारिश के कारण बाजार में ज्यादा ग्राहक नहीं थे। अचानक एक तेज धमाका हुआ और देखते ही देखते दो शटर वाली दुकान जमींदोज हो गई। करीब 30 सेकंड तक तो कोई समझ ही नहीं पाया कि आखिर हुआ क्या है। जब नाले के अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आईं, तब लोग उस तरफ भागे। पास ही छोले-भटूरे की दुकान चलाने वाले भरत ने सूझबूझ दिखाई और सबसे पहले अपनी दुकान की गैस बंद कर कड़ाही हटाई। इसके बाद वह तुरंत मदद के लिए दौड़े और कराह रहे तुलाराम को लोगों की मदद से बाहर निकाला। वहीं एक ई-रिक्शा चालक नावेद इस खौफनाक मंजर को देखकर इतना दहशत में आ गया कि वह तेजी से अपना रिक्शा लेकर बाजार से बाहर भाग निकला।

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स्थानीय लोगों ने दिखाई हिम्मत, रास्ता रोककर शुरू किया बचाव

बाजार में काम करने वाले सोनू के मुताबिक, हादसे के बाद सबसे बड़ा डर यह था कि लोगों के दबाव से कहीं आसपास की सड़क भी न धंस जाए। ऐसे में स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल दुकान के टूटे बोर्ड और बाइकें खड़ी करके रास्ता बंद कर दिया। दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर अपने शटर गिरा दिए। हादसे के बाद आसपास की पुरानी इमारतों की छतों पर भीड़ जुटने लगी थी, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से समझा-बुझाकर नीचे उतारा।

इस संवेदनशील रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मददगारों से ज्यादा वीडियो बनाने वालों ने परेशानी खड़ी की। मलबे को हटाने और एम्बुलेंस व जेसीबी के आने के रास्ते में लोग मोबाइल निकालकर वीडियो बना रहे थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने सख्त रुख अपनाकर वहां से खदेड़ा।

अधिकारियों की अनदेखी ने निगल ली दुकान

इस भयानक हादसे के पीछे प्रशासनिक लापरवाही की एक बड़ी कहानी सामने आई है। वास्तव में सुभाष बाजार में मंटोला नाले के ऊपर नगर निगम की ऐसी आठ दुकानें बनी हुई हैं। घायल व्यापारी तुलाराम के बेटे दिलीप ने बताया कि जिस नाले पर दुकान टिकी थी, वह बेहद जर्जर हो चुका था। दुकान में लगातार दरारें आ रही थीं। इस खतरे को देखते हुए करीब डेढ़ महीने पहले नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर मरम्मत की मांग की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अनहोनी की आशंका में उन्होंने दुकान का कुछ हिस्सा खाली भी कर दिया था और बाहर बैठकर व्यापार कर रहे थे। बुधवार को बारिश के कारण नाले में पानी का बहाव तेज हुआ और यह जर्जर ढांचा ढह गया।

मां के लिए रोती रही बेटी, गोताखोरों ने संभाला मोर्चा

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने 10 मिनट के भीतर सिपाही अनीता और उनकी डेढ़ साल की बेटी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद तुलाराम, पोत्र कृष्णा और कर्मचारी लाला को भी 20 मिनट की मशक्कत के बाद बाहर निकाल कर निजी अस्पताल भेजा गया। सुरक्षित निकले कृष्णा ने बताया कि वह पीठ के बल गिरे थे और सिर चकरा रहा था, जिसके बाद उनके पिता दिलीप ने उन्हें जबरन जांच के लिए अस्पताल भेजा।

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हालांकि, इस हादसे का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि अनीता की वृद्ध मां गंगा देवी का कोई सुराग नहीं लग सका। मां के मलबे में दबे होने के कारण घायल महिला सिपाही का रो-रोकर बुरा हाल था। सूचना मिलते ही डीएम मनीष बंसल, एडिशनल सीपी सचिंद्र पटेल, डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास समेत भारी पुलिस बल और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं। नाले में मलबे के कारण रेस्क्यू में दिक्कत आने पर मथुरा से एसडीआरएफ और पीएसी के गोताखोरों को बुलाया गया। देर रात तक नाले में सीढ़ी लगाकर बिजली घर तक तलाश की गई, लेकिन लापता महिला का पता नहीं चल सका।

घटनाक्रम का मिनट-दर-मिनट

दोपहर 2:25 बजे: सुभाष बाजार में दो मंजिला दुकान अचानक नाले में समाई।

दोपहर 2:30 बजे: स्थानीय दुकानदारों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू कर घायलों को निकाला।

दोपहर 2:45 बजे: रेलवे लाइन और सुभाष बाजार चौकी से पुलिस बल मौके पर पहुंचा।

दोपहर 3:15 बजे: दमकल (फायर ब्रिगेड) की टीमें घटना स्थल पर सक्रिय हुईं।

दोपहर 3:20 से 3:25 बजे: एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव और डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास पहुंचे।

दोपहर 3:45 बजे: घायलों को उपचार के लिए ले जाने को एम्बुलेंस मौके पर पहुंची।

शाम 4:20 बजे: फायर ब्रिगेड ने विशेष 'बहु आपदा प्रतिक्रिया वाहन' को मोर्चे पर लगाया।

शाम 4:30 बजे: सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बंद की गई।

शाम 5:00 बजे: बुलडोजर (जेसीबी) की मदद से भारी मलबा हटाना शुरू किया गया।

शाम 5:25 बजे: नाले के अंदर गिरे दुकान के दोनों लोहे के शटर बाहर निकाले गए।

शाम 6:00 बजे: एसडीआरएफ और पीएसी के गोताखोरों ने नाले के भीतर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

Location :  Agra

Published :  9 July 2026, 11:53 AM IST