
प्रतीकात्मक छवि (सोर्स- Pinterest)
Agra: उत्तर प्रदेश के आगरा शहर से एक हैरान कर देने वाला और अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां शादी के महज पंद्रह दिनों के भीतर ही एक नवविवाहिता का गुस्सा इस कदर सातवें आसमान पर पहुंच गया कि वह घर छोड़कर अपने मायके जा बसी। रिश्ते की गाड़ी अभी पटरी पर ठीक से आई भी नहीं थी कि वह बिखरने की कगार पर पहुंच गई है। विवाद की मुख्य वजह हनीमून पर न जा पाना और पारिवारिक मामलों में हद से ज्यादा मां का दखल बताया जा रहा है। मामला अब पुलिस कमिश्नरेट के परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंच चुका है, जहां काउंसलर दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिशों में जुटे हैं।
घटना आगरा के पंचकुइयां इलाके की है। यहां रहने वाले एक युवक की शादी बीते 2 दिसंबर 2025 को शाहगंज की रहने वाली एक युवती के साथ धूमधाम से हुई थी। शुरुआत में सब कुछ ठीक-ठाक लग रहा था, लेकिन धीरे-धीरे घर के भीतर सुलग रही चिंगारी बड़े विवाद में बदल गई। पीड़ित पति ने परिवार परामर्श केंद्र में अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसकी पत्नी हर छोटे-बड़े फैसले के लिए पूरी तरह अपनी मां पर निर्भर है। घर में खाने में क्या बनेगा से लेकर बाहर घूमने जाने तक के हर निर्णय में वह अपनी माता की सलाह को ही सर्वोपरि मानती है।
दुखद मोड़ तब आया जब शादी के शुरुआती दिनों में तंगहाली या व्यस्तता के चलते पति अपनी नई-नवेली दुल्हन को हनीमून पर नहीं ले जा सका। बस इसी एक बात को लेकर पत्नी बुरी तरह भड़क गई और उसने पति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बात इतनी बढ़ गई कि नवविवाहिता ने ससुराल लौटने से साफ इनकार कर दिया और जिद पकड़ते हुए अपने मायके चली गई।
पति का कहना है कि उसने अपनी तरफ से रिश्ते को बचाने के कई प्रयास किए। उसने कई बार अपनी पत्नी को फोन किया, उसे प्यार से समझाया और घर वापस लाने की कोशिश की, लेकिन हर बार उसे निराशा ही हाथ लगी। पत्नी हर बार जिद पर अड़ी रही कि वह अब कभी ससुराल वापस नहीं लौटेगी। दोनों परिवारों के बीच आपसी स्तर पर बैठकर मामले को सुलझाने और गलतफहमियों को दूर करने की कई दौर की कोशिशें की गईं, लेकिन बातचीत का कोई भी सकारात्मक नतीजा नहीं निकल सका। जब आपसी बातचीत से बात नहीं बनी, तो मामला परिवार परामर्श केंद्र की दहलीज तक जा पहुंचा।
इस पूरे मामले की पहली सुनवाई हाल ही में रविवार को परिवार परामर्श केंद्र में रखी गई थी। हालांकि, पहली सुनवाई के दौरान पत्नी परामर्श केंद्र में उपस्थित नहीं हुई, जिससे मामले का तुरंत कोई समाधान नहीं निकल पाया। वह अभी भी अपने फैसले पर अडिग है और पूरी तरह से पति से अलग होने की जिद पकड़ बैठी है।
फिलहाल, परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों को अगली तारीख दी है। आगामी तारीख पर पति और पत्नी दोनों को आमने-सामने बैठाकर उनकी विशेष काउंसिलिंग की जाएगी। काउंसलर्स का प्रयास रहेगा कि दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर इस टूटते हुए रिश्ते को एक नया मौका दिया जाए और मामले का कोई सौहार्दपूर्ण हल निकाला जा सके।
Location : Agra
Published : 7 September 2026, 10:26 AM IST