
सारस चौराहे पर जमकर नारेबाजी (Source: Dynamite News)
Raebareli: 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों का मुद्दा एक बार फिर सामने आ गया है। सोमवार, 31 अगस्त 2026 को रायबरेली के सारस चौराहे पर ओबीसी संघ के पदाधिकारियों और समर्थकों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा और संगठन के झंडे लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान लगाए गए बड़े बैनर पर ‘आरक्षण महाघोटाला 69000 शिक्षक भर्ती’ लिखा था। प्रदर्शनकारियों ने भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण के कथित उल्लंघन को लेकर अपनी नाराजगी जताई।
दोपहर करीब एक बजे प्रदर्शनकारी सारस चौराहे पर पहुंचे। यहां उन्होंने सरकार के साथ-साथ विपक्ष के खिलाफ भी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि 69000 शिक्षक भर्ती में ओबीसी और एससी वर्ग के अभ्यर्थियों के संवैधानिक आरक्षण से जुड़ी गंभीर विसंगतियां हुई हैं। उनका दावा था कि इन विसंगतियों के कारण बड़ी संख्या में पात्र अभ्यर्थी अपने अधिकार से वंचित हुए हैं।
ओबीसी संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, इसी मुद्दे को लेकर ‘आरक्षण बचाओ यात्रा’ निकाली गई है। यह यात्रा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से लखनऊ के ईको गार्डन में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए रवाना हुई। रायबरेली पहुंचने पर यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों के बैनर पर ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत और एससी वर्ग के लिए 21 प्रतिशत आरक्षण पूरा किए जाने की मांग दर्ज थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण के नियमों का सही तरीके से पालन नहीं हुआ, जिसका असर हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ा।
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ओबीसी संघ के कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह केवल सरकारी नौकरी का मुद्दा नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा मामला है। उन्होंने सरकार से भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शी जांच कराने और कथित विसंगतियों का समाधान करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि पिछड़ा वर्ग आयोग और न्यायालय की कार्यवाही के दौरान आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों का मुद्दा सामने आया है।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पूर्व सोशल मीडिया बयान का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के स्तर पर आरक्षण संबंधी विसंगतियों को स्वीकार किए जाने के बावजूद विवाद का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
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रायबरेली में प्रदर्शन के दौरान सारस चौराहा नारों से गूंजता रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरक्षण के अधिकार से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि 69000 शिक्षक भर्ती में कथित आरक्षण विसंगतियों का समाधान होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब इस प्रदर्शन के बाद 69000 शिक्षक भर्ती का पुराना आरक्षण विवाद एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
Location : Raebareli
Published : 31 August 2026, 3:40 PM IST