हवा में ‘वायरस’ का खौफनाक साया! रातों-रात रद्द हुई डॉक्टरों की छुट्टियां, क्या यूपी पर मंडरा रहा है 2020 जैसा कोई बड़ा खतरा?

लखनऊ में एक महिला की मौत के बाद यूपी सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द, अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और विशेष स्क्रीनिंग के निर्देश... आखिर प्रदेश में स्वाइन फ्लू का खतरा कितना बढ़ गया है और सरकार ने क्या तैयारियां की हैं?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 29 August 2026, 7:09 PM IST

Luckow: देश के कई राज्यों के साथ उत्तर प्रदेश में भी स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राजधानी लखनऊ में गुरुवार को एक महिला की मौत के बाद सरकार ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियां तेज कर दी हैं।

स्वाइन फ्लू और एच1एन1 संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में अस्पतालों की तैयारियों, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों के इलाज की व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए गए।

अपरिहार्य कारणों को छोड़कर डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर सरकारी डॉक्टरों को छुट्टी नहीं दी जाएगी।

साथ ही अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि इलाज के लिए पहुंचने वाले किसी भी मरीज को वापस न भेजा जाए। अस्पतालों में मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

अस्पतालों में बेड और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश

ब्रजेश पाठक ने अस्पतालों में बेड की उपलब्धता को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए।

एच1एन1 और सीजनल फ्लू की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सीएमओ, सीएमएस और मेडिकल कॉलेज प्राचार्यों के साथ समीक्षा

उपमुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO), मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों (CMS) और मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ बैठक की।

बैठक के दौरान जिलों में स्वाइन फ्लू की स्थिति, अस्पतालों की तैयारियों और संभावित मरीजों के उपचार की व्यवस्था की समीक्षा की गई।

स्क्रीनिंग और आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था

सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर मरीजों के उपचार के लिए आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने को कहा गया है।

मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मास्क के उपयोग और बुखार से संबंधित स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करने पर भी जोर दिया गया है।

निजी अस्पतालों और लैब से भी सहयोग की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब से भी स्वाइन फ्लू की रोकथाम और निगरानी में सहयोग करने की अपील की है।

उन्हें स्वाइन फ्लू और संबंधित संक्रमणों की जांच से जुड़ी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रदेश में संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।

राजधानी लखनऊ में महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है। सरकार का फोकस अस्पतालों में पर्याप्त बेड, दवाओं की उपलब्धता, स्क्रीनिंग और आइसोलेशन की व्यवस्था पर है, ताकि संक्रमण के बढ़ते मामलों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

Location :  Lucknow

Published :  29 August 2026, 7:09 PM IST