NEET UG 2027 पर बड़ा बदलाव! कंप्यूटर बेस्ड परीक्षा की तैयारी, लेकिन NTA के सामने 24 लाख छात्रों की चुनौती

NEET UG 2027 को कंप्यूटर आधारित परीक्षा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। NTA ने शिक्षा मंत्रालय और नंदन नीलेकणि कमेटी को प्रस्ताव भेजकर 24 लाख छात्रों के लिए कंप्यूटर, परीक्षा केंद्र और सुरक्षा व्यवस्था के लिए बजट की मांग की है। जानिए NEET CBT मोड को लेकर NTA का पूरा प्लान।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 2 September 2026, 1:03 PM IST

नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2027 परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT Mode) कराने की घोषणा कर दी है, लेकिन इसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और बजट की बड़ी चुनौती सामने आ गई है।

सूत्रों के मुताबिक, NTA ने शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा सुधार के लिए गठित नंदन नीलेकणि कमेटी को प्रस्ताव भेजकर कंप्यूटर, परीक्षा केंद्र, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए अलग बजट और स्पष्ट नीति बनाने की मांग की है।

24 लाख छात्रों के लिए चाहिए बड़ा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर

फिलहाल NEET UG देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। इसमें हर साल करीब 24 लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं। पेन-पेपर मोड से कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बदलाव के लिए बड़े स्तर पर कंप्यूटर सिस्टम, सुरक्षित नेटवर्क, निगरानी व्यवस्था और प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत होगी।

NTA सालभर कराता है करोड़ों छात्रों की परीक्षाएं

NTA एक साल में करीब 100 दिन अलग-अलग परीक्षाओं का आयोजन करता है, जिनमें लगभग एक करोड़ उम्मीदवार हिस्सा लेते हैं।

इनमें प्रमुख परीक्षाएं शामिल हैं:

  • JEE Main
  • CUET UG और PG
  • UGC NET
  • CSIR UGC NET
  • CMAT समेत अन्य प्रवेश परीक्षाएं

इनमें से कई परीक्षाएं पहले से ही कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित की जा रही हैं।

पेपर लीक रोकने के लिए बनेंगे 500 नए परीक्षा केंद्र

पेपर लीक और सुरक्षा से जुड़े विवादों के बाद NTA अब किराये के परीक्षा केंद्रों पर निर्भरता कम करना चाहता है। इसके लिए देशभर में करीब 500 नए स्थायी परीक्षा केंद्र बनाने की तैयारी की जा रही है।

हर केंद्र में 250 से 500 छात्रों की क्षमता के हिसाब से कंप्यूटर, प्रश्न पत्र प्रिंटिंग मशीन, CCTV कैमरे, जैमर, सुरक्षा व्यवस्था और बैठने की सुविधाएं तैयार करनी होंगी।

चीन की गाओकाओ परीक्षा से अलग है भारत का मॉडल

चीन में 12वीं के बाद दाखिले के लिए होने वाली गाओकाओ परीक्षा में करीब सवा करोड़ छात्र शामिल होते हैं। यह परीक्षा दो दिन चलती है और वहां इसे लेकर बेहद सख्त व्यवस्था रहती है।

वहीं भारत में NTA को पूरे साल कई अलग-अलग परीक्षाओं का आयोजन करना पड़ता है, जिसके कारण कई बार व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

NTA को मिल सकता है नया बजट

केंद्र सरकार ने साल 2017 में NTA को सेल्फ फाइनेंस एजेंसी के रूप में मंजूरी दी थी। शुरुआत में सरकार ने एजेंसी को 25 करोड़ रुपये का एकमुश्त बजट दिया था। इसके बाद NTA को परीक्षा फीस और अन्य आय से अपने खर्च चलाने थे।

लेकिन अगर NTA को अपना डिजिटल परीक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की अनुमति मिलती है, तो इसके लिए केंद्र सरकार को अलग बजट मंजूर करना पड़ सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  2 September 2026, 1:03 PM IST