Chitrakoot News: दशहरे पर रावण को जलाते नहीं, पूजते हैं ग्रामीण, 250 साल पुरानी है परंपरा
चित्रकूट के रैपुरा गांव में दशहरे पर रावण का पुतला जलाया नहीं जाता, बल्कि उसकी पूजा की जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा करीब 250 साल पुरानी है। गांव के बीचोंबीच स्थापित रावण की विशाल प्रतिमा के सामने लोग पूजा-अर्चना करते हैं। रामलीला में रावण का वध होता है, लेकिन पुतला दहन नहीं किया जाता। ग्रामीण रावण को महान विद्वान और ज्ञान का प्रतीक मानते हैं।