गांव से पकड़कर थाने लाए थे मोहरपाल, पुलिस कस्टडी में हुई मौत… एटा में 20 साल बाद दरोगा-सिपाही को उम्रकैद
एटा के चर्चित 2005 मोहरपाल हत्याकांड में अदालत ने करीब 20 साल बाद बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने तत्कालीन दरोगा गजराज सिंह और आरक्षी महावीर सिंह को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। फैसला आने के बाद दोनों दोषी पुलिसकर्मियों को जेल भेज दिया गया।