1857 से 1942 तक का सफर: मंगल पांडेय के बलिदान और चित्तू पांडेय के पराक्रम से अमर हुआ स्वतंत्रता संग्राम
स्वतंत्रता संग्राम में बलिया का इतिहास स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। नगवा के मंगल पांडेय ने 1857 की चिंगारी जलाई, तो 19 अगस्त 1942 को चित्तू पांडेय के नेतृत्व में बागी बलिया में अंग्रेजों को उखाड़ फेंककर समानांतर राष्ट्रीय सरकार की स्थापना की गई थी।