Tech News: यूट्यूब ने मॉनेटाइजेशन नियम में किया बड़ा बदला, अब केवल इन लोगों को मिलेगा भुगतान

यूट्यूब ने 15 जुलाई से अपने मॉनेटाइजेशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब केवल उन्हीं क्रिएटर्स को भुगतान मिलेगा जिनकी आवाज़ असली होगी और कंटेंट ओरिजिनल होगा। दोबारा इस्तेमाल किया गया या AI से बना वीडियो अस्वीकार किया जाएगा। जानिए इस नए नियम के फायदे और चुनौतियां।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 10 July 2025, 1:57 PM IST

New Delhi: डिजिटल प्लेटफॉर्म यूट्यूब ने अपने मॉनेटाइजेशन नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो 15 जुलाई से प्रभावी हो गया है। इस नए नियम के तहत यूट्यूब केवल उन्हीं कंटेंट क्रिएटर्स को भुगतान करेगा जिनकी आवाज़ असली हो और जिनका कंटेंट पूरी तरह ओरिजिनल हो। यानि कि अब दोबारा इस्तेमाल किया गया, कॉपी किया गया, कम मेहनत वाला या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया गया वीडियो मॉनेटाइजेशन के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा।

नए नियम का मकसद

यूट्यूब का यह कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की गुणवत्ता और असली प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। कई बार देखा गया है कि लोग दूसरों के वीडियो कॉपी कर या AI टूल्स की मदद से बिना मेहनत के वीडियो बनाकर पैसे कमाने की कोशिश करते हैं। इससे न सिर्फ ओरिजिनल क्रिएटर्स की मेहनत की कीमत घटती है, बल्कि प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। यूट्यूब इस बदलाव के जरिए इन समस्याओं से निपटना चाहता है।

क्या माना जाएगा ओरिजिनल कंटेंट?

ओरिजिनल कंटेंट का मतलब है कि वीडियो का पूरा निर्माण क्रिएटर ने खुद किया हो, जिसमें आवाज़ भी क्रिएटर की असली हो। वीडियो के हर पहलू में क्रिएटर की मेहनत और रचनात्मकता झलकनी चाहिए। यूट्यूब अब AI जनरेटेड वीडियो या दोबारा इस्तेमाल किए गए कंटेंट पर पूरी तरह रोक लगा रहा है।

यूट्यूब के मॉनेटाइजेशन नियम (सोर्स-गूगल)

नए नियम के फायदे

  • क्रिएटर्स को प्रोत्साहन: ओरिजिनल कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स को बेहतर अवसर मिलेगा।
  • प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता: यूट्यूब पर गुणवत्तापूर्ण कंटेंट की बढ़ोतरी होगी, जिससे दर्शकों का भरोसा बढ़ेगा।
  • कॉपीराइट उल्लंघन में कमी: कॉपी और चोरी किए गए वीडियो की संख्या कम होगी।
  • AI आधारित झूठे कंटेंट पर रोक: फेक और नकली वीडियो से निपटने में मदद मिलेगी।

चुनौतियां और सवाल

  1. हालांकि यह बदलाव कंटेंट क्रिएटर्स के लिए सकारात्मक है, लेकिन इसके साथ कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हैं।
  2. कई क्रिएटर्स जो AI टूल्स का सहारा लेकर वीडियो एडिट या तैयार करते थे, उन्हें अपनी रणनीति बदलनी पड़ेगी।
  3. छोटे और नए क्रिएटर्स को ओरिजिनल कंटेंट बनाने में तकनीकी और संसाधन संबंधी दिक्कतें आ सकती हैं।
  4. आवाज़ असली होनी चाहिए, इसका मतलब है वॉयसओवर या डबिंग वाली वीडियो की मॉनेटाइजेशन में समस्या आ सकती है।

क्या यूट्यूब का फैसला सही है या गलत?

  • यह सवाल अलग-अलग नजरिए से देखा जा सकता है।
  • जहां ओरिजिनल क्रिएटर्स इसे सही कदम मानते हैं क्योंकि इससे उनकी मेहनत की कदर होगी।
  • वहीं कुछ लोग इसे थोड़ा कड़ा नियम भी मान सकते हैं, जो कि शुरुआती क्रिएटर्स के लिए कठिनाई पैदा कर सकता है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 10 July 2025, 1:57 PM IST