
प्रतीकात्मक छवि (Img- AI Generated)
New Delhi: क्या आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कोई ऐसी तकनीक आ जाए जिससे चोरों के लिए आपका चुराया हुआ कीमती फोन एक झटके में पूरी तरह कबाड़ बन जाए? स्मार्टफोन चोरी की बढ़ती वारदातों से निपटने के लिए ब्रिटेन की दो दिग्गज टेलीकॉम कंपनियों, वर्जिन मीडिया O2 और वोडाफोन-थ्री ने मिलकर एक क्रांतिकारी कदम उठाया है।
इन कंपनियों ने एक बेहद एडवांस तकनीक पेश की है, जिसे 'किल स्विच' (Kill Switch) नाम दिया गया है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके जरिए चोरी हुए स्मार्टफोन को सिर्फ एक क्लिक की मदद से पूरी तरह अनुपयोगी और बेकार बनाया जा सकता है।
इस तकनीक के लागू होने के बाद, यदि कोई अपराधी बड़ी चालाकी से स्मार्टफोन चुरा भी लेता है, तो वह फोन उसके लिए महज एक प्लास्टिक और मेटल का डिब्बा बनकर रह जाएगा। न तो उस फोन को ऑन किया जा सकेगा और न ही बाजार में किसी को बेचा जा सकेगा। कंपनियों का मानना है कि जब ब्लैक मार्केट में चोरी के इन स्मार्टफोन्स की रीसेल वैल्यू पूरी तरह खत्म होकर शून्य हो जाएगी, तो चोरों के हौसले अपने आप पस्त हो जाएंगे। चोरों को अच्छी तरह मालूम होगा कि इतनी जोखिमभरी चोरी करने के बाद भी उन्हें बदले में कुछ हासिल नहीं होने वाला है।
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किल स्विच एक ऐसी स्मार्ट रिमोट टेक्नोलॉजी है जो दूर बैठे ही किसी भी हैंडसेट को हमेशा के लिए 'डेड' यानी निष्क्रिय कर सकती है। वर्तमान में यह तकनीक उन स्मार्टफोन्स के लिए तैयार की गई है जो अभी तक रिटेल स्टोर्स में रखे हैं और ग्राहकों को बेचे नहीं गए हैं।
जैसे ही कोई चोर इन फोन्स को चुराकर ऑन करने की कोशिश करेगा, सिस्टम तुरंत एक्टिव हो जाएगा। फोन ऑन होते ही उसकी पूरी जानकारी सीधे निर्माता के सेंट्रल डेटाबेस में दर्ज हो जाएगी। इसके तुरंत बाद नेटवर्क प्रोवाइडर एक रिमोट कमांड भेजेगा, जिससे वह हैंडसेट हमेशा-हमेशा के लिए पूरी तरह ब्लॉक हो जाएगा।
इस तकनीक को मुख्य रूप से रिटेल आउटलेट्स और मोबाइल स्टोर्स में होने वाली बड़ी चोरियों को रोकने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी चिंताजनक है। अकेले लंदन में पिछले साल 70,000 से अधिक लोग मोबाइल चोरी का शिकार हुए थे।
पुलिस प्रशासन और टेक इंडस्ट्री का स्पष्ट मानना है कि अपराधियों को रोकने का सबसे सटीक तरीका यही है कि चोरी की जाने वाली वस्तु की कीमत को ही खत्म कर दिया जाए। जब अपराधियों में इसे चुराने का लालच खत्म होगा, तो स्टोर्स की सुरक्षा भी मजबूत होगी।
वर्तमान सुरक्षा नियमों के अनुसार, यह किल स्विच तकनीक केवल रिटेलर या नेटवर्क प्रोवाइडर्स की संपत्ति यानी बिना बिके हुए फोन्स पर ही काम करेगी। एक बार जब कोई ग्राहक कानूनी रूप से फोन खरीद लेता है, तो मालिकाना हक खरीदार के पास चले जाने के कारण टेलीकॉम कंपनियां उसे रिमोटली ब्लॉक नहीं कर सकतीं।
यह पाबंदी इसलिए लगाई गई है ताकि आम जनता के पर्सनल फोन का कोई गलत इस्तेमाल न कर सके। हालांकि, इस तकनीक की सफलता को देखते हुए अब ऐपल और सैमसंग जैसी दिग्गज वैश्विक कंपनियों पर आम उपभोक्ताओं के लिए भी ऐसी यूनिवर्सल तकनीक बनाने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
Location : New Delhi
Published : 25 June 2026, 11:08 AM IST