कटऑफ को शून्य करना नीट की साजिश को उजागर करता है: उदयनिधि स्टालिन

द्रविड़ मुनेत्र कषगम(डीएमके) नेता ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-परास्नातक (नीट-पीजी)-2023 में काउंसलिंग के लिए अनिवार्य ‘क्वालिफाइंग परसेंटाइल’ को घटाकर शून्य कर देना इस राष्ट्रीय परीक्षा की साजिश को उजागर करता है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Post Published By: डीएन ब्यूरो
Updated : 21 September 2023, 11:29 AM IST

चेन्नई:  द्रविड़ मुनेत्र कषगम(डीएमके) नेता ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-परास्नातक (नीट-पीजी)-2023 में काउंसलिंग के लिए अनिवार्य ‘क्वालिफाइंग परसेंटाइल’ को घटाकर शून्य कर देना इस राष्ट्रीय परीक्षा की साजिश को उजागर करता है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों के बीच सवाल इस परीक्षा की आवश्यकता को लेकर है जिसमें केंद्र सरकार एक ओर तो पात्रता पर अड़ी हुई है जबकि दूसरी ओर कहती है कि चिकित्सा के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश सिर्फ नीट में उपस्थित होकर ही लिया जा सकता है।

तमिलनाडु के युवा कल्याण मंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि इस विकास ने उनकी पार्टी के रुख को साबित कर दिया है कि कोचिंग केंद्रों और निजी मेडिकल कॉलेजों को समृद्ध बनाने के लिए नीट एक व्यवस्था है।

 

Published : 
  • 21 September 2023, 11:29 AM IST

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