
लखनऊ: सपा कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे समाजवादी पार्टी के विधायकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पार्टी के विधायकों ने बुधवार को धरना देने का ऐलान किया था, जिसके बाद से भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था।
विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर रहे विधायकों को पुलिस ने हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया गया। बुधवार की सुबह से ही सपा विधायकों के घर के बाहर पुलिस की घेराबंदी कर उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया गया था। साथ ही मीडियाकर्मियों को भी मिलने पर रोक लगा दी गई थी।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए। समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की सरकार के खिलाफ 18 सितंबर तक लगातार धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया था।
सपा कार्यालय के बाहर धरना का नेतृत्व कर रहे मनोज पांडेय ने कहा कि हमने धरने का ऐलान किया था। हम कोई प्रदर्शन नहीं करने वाले थे। मनोज ने कहा कि हम चौधरी चरण सिंह की मूर्ति के पास बैठकर महंगाई, बेरोजगारी, ध्वस्त कानून व्यवस्था, भर्तियों में धांधली, स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टचार, गरीब के घरों पर चल रहे बुलडोजर, किसानों की दुर्दशा जैसे तमाम मुद्दों को लेकर धरने पर बैठकर बात करने वाले थे। लेकिन उसके पहले ही ये स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने आगे कहा कि चाहे जितना भी दमन किया जाए हम इन सब मुद्दों के खिलाफ आवाज़ उठाते रहेंगे। हमें विधानसभा के अंदर नहीं जाने दिया गया तो हम बाहर ही अपनी आवाज उठाएंगे।
बता दें कि धरना प्रदर्शन के ऐलान के बाद से ही सभी जगह खासतौर पर अखिलेश यादव के आवास और पार्टी कार्यालय के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई और सपा विधायकों के घर के बाहर भी घेराबंदी कर उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया।
Published : 14 September 2022, 1:21 PM IST
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