
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ देश में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियां सामने आ रही है और इस मसले पर सोशल मीडिया समेत विभिन्न माध्यमों से अपनी राय रख रही है। भारत में किसान आंदोलन के ताजा मसले को लेकर अब संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग (यूएनएचआरसी) ने भी अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। यूएनएचआरसी ने इस मामले में किसानों के साथ-साथ सरकार को भी बड़ी नसीहत दी है।
यूएनएचआरसी ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले किसानों के साथ ही सरकार और प्रशासन से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है। आयोग ने कहा है कि मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए इस मसमे का न्यायसंगत समाधान तलाशना बेहद जरूरी है। यूएनएचआरसी की यह सलाह कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
किसान मसले को लेकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयुक्त के ऑफिस ने ट्वीट कर कहा है कि प्रदर्शन करने वालों के हितों की रक्षा के साथ ही यह भी जरूरी है कि दोनों पक्ष संयम बनाए रखें।
कृषि कानूनों के खिलाफ देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर लगभग ढ़ाई महीने से चल रहा आंदोलन पर अब देश के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा हो रही है। इस संबंध में अमेरिकी पाप सिंग रिहाना, पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग समेत कई हस्तियां अपनी राय रख चुकी है।
किसान मसले पर कुछ विदेशी हस्तियों की राय भी देश में चर्चा का विषय बन चुकी है और अब यूएनएचआरसी की प्रतिक्रिया भी इस मसले पर सामने आ गई है, जिसे बेहद अहम भी माना जा सकता है।
Published : 6 February 2021, 12:14 PM IST
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