
सोनौली (महराजगंज): पड़ोसी देश नेपाल में इस समय हिंसा और विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं। राजस्थान में राजशाही बहाली की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। हजारों लोग कार्यदिवस पर विरोध प्रदर्शन करने निकल रहे हैं। नेपाल में लोकतंत्र की स्थापना के बाद सत्ता संघर्ष और अस्थिरता ने जनता को निराश किया है।
डाइनामाइट न्यूज़ रिपोर्टर के अनुसार, 17 साल बाद नेपाल में एक बार फिर राजशाही की मांग जोर पकड़ रही है। भारतीय सीमा से सटे भैरहवा में भी लोगों की भीड़ सड़कों पर उतर आई। लोगों ने बाइक और चार पहिया वाहनों के काफिले के साथ नेपाल के झंडे लहराए और "महाराज लौटो, देश बचाओ" के नारे लगाए।
नेपाल में क्यों भड़क रही हिंसा?
नेपाल में राजशाही बहाली की मांग के पीछे मुख्य कारण लोगों की आबादी से आबादी का मिश्रण है। 2008 में राजशाही शासन खत्म होने के बाद नेपाल में अब तक 13 अलग-अलग सरकारी कंपनियाँ हैं, लेकिन आम लोगों ने आर्थिक, आर्थिक और सत्ता को तहस-नहस कर दिया है। इससे निराश नेपाली नागरिक अब पूर्व राजा *ज्ञानेंद्र शाह* की वापसी की मांग कर रहे हैं।
राजशाही शहीद का कहना है कि लोकतांत्रिक सरकार बार-बार विफल हो रही है और देश को स्थिर नेतृत्व की जरूरत है। हजारों कार्यकर्ता राष्ट्रीय ध्वज और पूर्व राजा ज्ञानेंद्र शाह की तस्वीरें लेकर 'राजा लाओ, देश बचाओ' और 'भ्रष्टाचार सरकार मुर्दाबाद' जैसे नारे लगा रहे हैं।
नेपाल में राजशाही बहाली की यह मांग कितनी दूर तक जाएगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, लेकिन जनता और राजशाही जनसमूह की बहुसंख्यक पार्टियाँ सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
Published : 29 March 2025, 7:39 PM IST
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