कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर की बढ़ी मुश्किलें, आगरा में इस मामले में दर्ज हुआ केस

कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उनके खिलाफ आगरा में मानहानि का मुकदमा दायर किया गया है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Post Published By: डीएन ब्यूरो
Updated : 5 December 2024, 5:49 PM IST

आगरा: सिविल जज जूनियर डिवीजन-प्रथम के न्यायालय में बुधवार को मथुरा के कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के विरुद्ध मानहानि का परिवाद दायर किया गया। जयचंद को गद्दार कहने पर अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने परिवाद दायर किया है।

वादी अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह का कहना है कि कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर ने दो दिसंबर को वाराणसी में कथा के दौरान भारत विभाजन व कश्मीरी ब्राह्मणों के नरसंहार के लिए जयचंदों को दोषी बताया था।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार उन्होंने सनातन धर्म को खतरा जयचंदों से बताया, लेकिन भारत विभाजन व कश्मीरी ब्राह्मणों का नरसंहार धर्म आधारित था। मुस्लिमों के कृत्य के लिए जयचंद दोषी कैसे हो सकते हैं? जयचंद एक ऐतिहासिक चरित्र हैं और वह कन्नौज के राजा थे। अभी तक के शोध में उन्हें ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है, जो यह साबित करता हो कि महाराज जयचंद गद्दार थे या उन्होंने मोहम्मद गौरी को बुलाया था। 

भारत सरकार के पास भी ऐसा कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं है। जौनपुर सिविल न्यायालय में उनके द्वारा दायर अटाला माता मंदिर वाद विचारधीन है। ऐतिहासिक साक्ष्य यह प्रमाणित करते हैं कि अटाला माता मंदिर महाराज जयचंद ने बनवाया था। परिवाद स्वीकृत होने के बाद वादी व अन्य के बयान दर्ज कराए जाएंगे। इस संबंध में देवकीनंदन का पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।

Published : 
  • 5 December 2024, 5:49 PM IST