
नई दिल्ली: दिल्ली आबकारी नीति (Delhi Liqour Case) घोटाले से जुड़े सीबीआई (CBI) मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) खत्म होने पर आज मंगलवार को उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) पेश किया गया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार सीबीआई की मांग पर राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली सीएम की न्यायिक हिरासत 11 सितंबर तक बढ़ा दी। इस दौरान केजरीवाल के वकील ने उनकी जमानत बढ़ाने का विरोध किया।
CBI के आरोपपत्र का लिया संज्ञान
राउज एवेन्यू कोर्ट ने इसी मामले में सीबीआई की ओर से दायर चौथे आरोपपत्र का भी संज्ञान लिया है। सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल, दुर्गेश पाठक, विनोद चौहान, आशीष माथुर और सरथ रेड्डी के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया हैं। अदालत ने पांचों आरोपित को पेशी का समन जारी किया है। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा की अदालत में मामले की सुनवाई हुई है।
26 जून को किया था गिरफ्तार
उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल को 26 जून को गिरफ्तार किया गया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। वहीं शराब नीति से जुड़े ईडी मामले (मनी लॉन्ड्रिंग केस) में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल चुकी है। ईडी ने दिल्ली सीएम को इसी साल 21 मार्च को गिरफ्तार किया था।
नायर को मिली जमानत
मालूम हो कि दिल्ली के कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लगभग 23 महीनों तक जेल में रहने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व संचार प्रमुख विजय नायर को सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (2 सितंबर) को जमानत दे दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि स्वतंत्रता पवित्र है और कड़े कानूनों वाले मामलों में भी इसका सम्मान किया जाना चाहिए।
नायर को मिली जमानत सत्य की विजय- आप
आप ने विजय नायर को मिली जमानत को सत्य की विजय बताया है। आप का कहना है कि धीरे-धीरे भाजपा की पूरी साजिश धराशायी हो रही है। भाजपा और उसकी केंद्र सरकार ने हमारे नेताओं के खिलाफ साजिश रची और उन्हें झूठे मामले लगाकर जेल में डाल दिया, लेकिन अब साजिशों का पर्दाफाश हो रहा है। पहले सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को जमानत दी और अब विजय नायर को जमानत दी है। अब जल्द ही अरविंद केजरीवाल भी बाहर आएंगे।
Published : 3 September 2024, 3:41 PM IST
Topics : arvind kejriwal CBI Delhi Liqour Case judicial custody अरविंद केजरीवाल दिल्ली आबकारी नीति न्यायिक हिरासत सीबीआई