
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने केरल के सबरीमला मंदिर में जाने से रोक दी गई महिला रेहाना फातिमा और बिंदु अम्मिनी की याचिकाओं पर कोई आदेश देने से शुक्रवार को मना कर दिया। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि कुछ मुद्दे ऐसे हैं जिनसे देश में हालात विस्फोटक हो सकते है, यह मुद्दा भी ऐसा ही है।
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उन्होंने कहा हम कोई हिंसा नहीं चाहते मंदिर में पुलिस की तैनाती कोई बहुत अच्छी बात नहीं है। यह बेहद भावनात्मक मुद्दा है। हज़ार साल से वहाँ परंपरा जारी है। उन्होने कहा कि पिछले साल आया शीर्ष अदालत के पाँच न्यायाधीशों का फैसला अंतिम नहीं। अब मामला सात जजों की बेंच में जा चुका है। वही बेंच अब फैसला लेगी। (वार्ता)
Published : 13 December 2019, 5:25 PM IST
Topics : case hearing law Sabarimala SupremeCourt आदेश उच्चतम न्यायालय केरल मंदिर सबरीमाला