
नई दिल्लीः हिंदू धर्म में आज यानी 19 मार्च को रंग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा, जिसका काफी महत्व है। जैसे होली पर्व की शुरूआत होलिका दहन से होती है, वैसे ही होली का समापन रंग पंचमी से होती है।
डाइनामाइट न्यूज़ के संवाददाता के मुताबिक, हर साल रंग पंचमी का पर्व चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है जो होली से ठीक पांच दिन बाद आता है। यह पर्व सभी देवी-देवाताओं को समर्पित होता है।
हालांकि सभी के मन में यह सवाल होगा कि हम यह पर्व क्यों मनाते हैं और इस दिन क्या विशेष करना होता है। आइए फिर आपके सारे सवालों का जवाब देते हैं और बताते हैं कि क्यों यह पर्व मनाया जाता है ?
क्यों मनाया जाता है रंग पंचमी की पर्व ?
इस पर्व को लेकर ऐसी धार्मिक मान्यता है कि आज के दिन ही भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी ने द्वापर युग में होली का आनंद लिया था और देवी-देवाताओं ने स्वर्ग में उनपर फूल बरसाए थे। हिंदू धर्म की यह परंपरा आज तक मनाई जाती है।
इस पर्व को लेकर यह मान्यता भी है कि रंग पंचमी के दिन सभी देवी-देवता धरती पर पधारे थे, जिस कारण लोग आज के दिन देवतागण के साथ होली खेलते हैं और उन्हें गुलाल लगाते हैं। वहीं, यह भी कहा जाता है अगर आज के दिन कोई वायु में गुलाल उड़ता है तो सारी नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है।
रंग पंचमी के दिन क्या करें ?
रंग पंचमी के दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की विशेष पूजा-अर्चना करें और उन्हें लाल या गुलाबी रंग अर्पित करें। इसके अलावा आज के दिन देवी-देवाताओं को भी रंग अर्पित जरूर करें। वहीं, सभी को खीर, पंचामृत और फल आदि का भोग लगाएं। आज के दिन हवा में रंग जरूर उड़ाए, ऐसा करने से देवताओं के स्पर्श का अनुभव हो सकता है।
किन राज्यों में मनाया जाता है रंग पंचमी का पर्व ?
वैसे तो यह पर्व पूरे देशभर में मनाया जाता है, लेकिन इंदौर, महेश्वर, उज्जैन, मालवा क्षेत्र और अन्य शहरों में इसे काफी धूमधाम से मनाया जाता है।
Published : 19 March 2025, 8:19 AM IST
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