वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से जुड़ी पांचवीं और आखिरी चरण की घोषणाएं रविवार को की। इस दौरान उन्होनें कई चीजों को लेकर घोषणाएं की हैं। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज़ पर पूरी खबर..

नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से जुड़ी पांचवीं और आखिरी चरण की घोषणाएं रविवार को की। वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मंत्री ने कहा था कि आपदा को अवसर में बदलने की जरूरत है।
‘आत्मनिर्भर भारत पैकेज’ के पांचवें और अंतिम चरण में सरकार ने आज सभी क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने, लोकउपक्रमों की संख्या कम करने, मनरेगा के लिए आवंटन और स्वास्थ्य पर निवेश बढ़ाने और कंपनी कानून और दिवालिया कानूनों में बड़े बदलावों की घोषणा की है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं को बताया कि सरकार नई लोक उपक्रम नीति लाएगी जिसमें सभी सेक्टरों को निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए खोला जाएगा। लोक उपक्रम चुनिंदा रणनीतिक क्षेत्रों में ही कारोबार कर सकेंगे। इन सेक्टरों को नोटिफाई किया जायेगा। इन सेक्टरों में भी कम से कम एक और अधिक से अधिक चार लोक उपक्रमों की ही मौजूदगी होगी।
Union Finance Minister Nirmala Sitharaman announced that the Centre has allocated an additional amount of Rs 40 thousand crores under the Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Scheme.
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— ANI Digital (@ani_digital) May 17, 2020
इन क्षेत्रों में भी निजी कंपनियां कारोबार कर सेकेंगी। अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले लोक उपक्रमों का निजीकरण किया जायेगा। यदि किसी रणनीतिक क्षेत्र में चार से अधिक सार्वजनिक कंपनी होगी तो उनका विलय या निजीकरण किया जायेगा।
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उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य पर सरकारी निवेश बढ़ाया जाएगा। बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा ढांचों को मजबूत बनाया जाएगा। हर जिला अस्पताल में संक्रामक रोगों के लिए विशेष ब्लॉक बनाये जाएंगे। प्रखंड स्तर पर जन स्वास्थ्य प्रयोगशालायें बनाई जायेंगी। अनुसंधान के प्रोत्साहित किया जायेगा। राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन का ब्लूप्रिंट तैयार किया जायेगा।
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