
नई दिल्ली: आज शारदीय नवरात्रि का आठवां दिन है। नवरात्र के आठवें दिन महागौरी स्वरूप की पूजा-अराधना की जाती है। महागौरी मां दुर्गा की पूजा से भक्तों के सभी तरह के पाप और कष्ट दूर हो जाते है। अष्टमी के दिन कुंवारी कन्याओं को भोजन करवाया जाता है।
पौराणिक कथा के मुताबिक भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए मां महागौरी ने कठोर तपस्या की थी जिससे इनका शरीर काला पड़ गया था। जब भगवान शिव ने इनको दर्शन दिया, तब उनकी कृपा से इनका शरीर अत्यंत गौर हो गया और इनका नाम गौरी हो गया।
ऐसा है मां का स्वरुप
मां महागौरी के एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे में डमरू है। तीसरा हाथ वरमुद्रा में हैं और चौथा हाथ एक गृहस्थ महिला की शक्ति को दर्शाता हुआ है। अपने सांसारिक रूप में महागौरी उज्ज्वल, कोमल, श्वेत वर्णी तथा श्वेत वस्त्रधारी और चतुर्भुजा हैं। ये सफेद वृषभ यानी बैल पर सवार रहती हैं।
यह है आपके लिए शुभ रंग
महागौरी की पूजा करते समय जहां तक हो सके गुलाबी रंग के वस्त्र पहनने चाहिए। महागौरी गृहस्थ आश्रम की देवी हैं और गुलाबी रंग प्रेम का प्रतीक है। एक परिवार को प्रेम के धागों से ही गूथकर रखा जा सकते हैं, इसलिए आज के दिन गुलाबी रंग पहनना शुभ रहता है।
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Published : 28 September 2017, 10:34 AM IST
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