
लखनऊ/महराजगंज: 90 फीसदी तक झुलस चुकी महराजगंज जिले की महिला अंजलि तिवारी उर्फ आयशा की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी है।
महिला ने कल लखनऊ में विधानसभा के सामने खुद को आग लगा ली थी। आरोप है कि पीड़िता ने अपनी परेशानी पुलिस को बतायी थी लेकिन समय रहते जिम्मेदारों ने कोई एक्शन नहीं लिया, जिससे थक-हार कर पीड़िता लखनऊ गुहार लगाने पहुंची और वहां पर जाकर खुद को आग लगा ली। इसके बाद लखनऊ से लेकर महराजगंज तक हड़कंप मच गया। आनन-फानन में लीपा-पोती को कोशिश की जाने लगी। आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरु कर दिया गया। अब मामला तेजी से राजनीतिक रंग लेता जा रहा है।
पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटक रही थी लेकिन किसी भी जिम्मेदार अफसर ने मदद नहीं की, जब आत्मघाती कदम महिला ने उठा लिया और लखनऊ के डाक्टरों ने बता दिया कि महिला 90 फीसदी झुलस चुकी है, हालत बेहद नाजुक है तो फिर अपनी नाकामी को छिपाने के लिए तरह-तरह के खेल शुरु कर दिये गये।
मामले में पहला राजनीतिक मोड़ आय़ा जब लखनऊ पुलिस ने पूर्व राज्यपाल सुखदेव प्रसाद के पुत्र और यूपी कांग्रेस के दलित विभाग के प्रदेश अध्यक्ष आलोक प्रसाद पासी को आधी रात दो बजे घर से टांग गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद राजनीतिक बवाल और हंगामा, विरोध प्रदर्शन शुरु हो गये। यूपी कांग्रेस ने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर सरकार को जमकर घेरा।
इधर महराजगंज जिला मुख्यालय पर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अवनीश पाल ने आरोप लगाया कि लड़की के कथित दूसरे पति आसिफ रजा और भाजपा के सदर विधायक का घर आसपास एक ही मोहल्ले में है। भाजपा विधायक ने दो समुदायों को भड़काने के मकसद से महिला का उकसाया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष का आरोप है कि भाजपा विधायक पर मुकदमा दर्ज किया जाय। काल डिटेल्स की छानबीन कर सच्चाई का पता लगाया जाये।
स्थानीय लोगों के मुताबिक महराजगंज कस्बे में महिला के दूसरे कथित पति, भाजपा विधायक और गिरफ्तार कांग्रेसी नेता आलोक प्रसाद पासी का घर आसपास ही है। आलोक प्रसाद 2017 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर भाजपा के स्थानीय विधायक के खिलाफ लड़ चुके हैं। यही कारण है कि लोग राजनीतिक प्रतिशोध की आशंका जता रहे हैं।
अब देखना होगा पुलिस अपनी निष्पक्षता के साथ करती है या फिर दबाव में?
फिलहाल महिला अंजलि तिवारी के बारे में बताया जा रहा है कि इसकी पहली शादी पचरुखिया गांव के निवासी अखिलेश तिवारी के साथ हुई थी, जो चल नहीं सकी। फिर महिला आशिफ रजा नाम के युवक के संपर्क में आय़ी। आशिफ रजा, भाजपा विधायक और कांग्रेसी नेता तीनों का घर आसपास ही है। आशिफ रजा फिलहाल सऊदी अरब में नौकरी करता है। इस बीच आसिफ के परिवार वालों से भी महिला के संबंधों में खटास आ गयी और कुछ दिन पहले उसने दूसरे कथित पति के घर जाकर हंगामा किया था।
महिला इस बीच जगह-जगह दौड़कर न्याय की गुहार लगा रही थी लेकिन किसी ने उसकी सही मदद नहीं की।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब महिला महराजगंज पुलिस के पास गयी तो फिर आखिर किसके दबाव में स्थानीय पुलिस ने इस महिला की मदद क्यों नहीं की?
अगर लखनऊ का सत्ता प्रतिष्ठान इस मामले की ईमानदारी से जांच करा ले और आरोपों के घेरे में आय़े सभी आरोपियों के फोन काल डिटेल्स की जांच हो जाये तो हो सकता है मामले की सच्चाई पर से पर्दा उठ जाये लेकिन बड़ा सवाल है कि क्या यह होने दिया जायेगा?
Published : 14 October 2020, 9:19 PM IST
Topics : अंजलि तिवारी आग आत्मदाह आयशा आलोक प्रसाद महराजगंज महिला लखनऊ विधानसभा