
महराजगंज: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पूर्वांचल के गांधी के नाम से विख्यात महराजगंज में शिक्षा की अलख जगाने वाले संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य रहे प्रोफेसर शिब्बन लाल सक्सेना की पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार को पीजी कॉलेज के क्रीड़ांगन स्थित उनकी समाधि स्थल पर महाविद्यालय के अलावा सामाजिक संस्थाओं द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभी ने प्रोफेसर सक्सेना को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
वक्ता बोले
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार पीजी कॉलेज के प्रबंधक डॉ. बलराम भट्ट ने प्रोफेसर सक्सेना के पुण्यतिथि पर उनकी समाधि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात जीएसबीएस इंटर कॉलेज में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि प्रोफेसर सक्सेना स्वतंत्रता संग्राम ने महासेनानी की भूमिका निभाई और उन्होंने अपने आत्मबल और निर्धनता के आधार पर अंग्रेजों को लोहा मनवाया था। महराजगंज जैसे पिछड़े क्षेत्र में उन्होंने प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा का अलख भी जगाई।
बताए हुए रास्ते पर चलने का लें प्रण
उन्होंने कहा कि प्रोफेसर शिब्बन लाल सक्सेना ही देन है कि महराजगंज जनपद शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी होकर विकास के पथ पर भी तेजी से अग्रसर हो रहा है। आज उनके पुण्यतिथि पर हम उन्हें न केवल याद करें बल्कि उनके बताए हुए रास्ते पर चलने का प्रण भी करें तभी उनकी पुण्यतिथि सार्थक होगीl
महराजगंज में शिक्षा की अलख
जीएसबीएस इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य विजय बहादुर सिंह ने कहा कि सक्सेना जी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के साथ ही भारत के संविधान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थीl उन्होंने भारतीय संविधान के प्रत्येक अनुच्छेदों पर अपना संशोधन प्रस्ताव भी दिया थाl उन्होंने यदि महराजगंज में अनेक शिक्षण संस्थाओं को नहीं खोला होता तो शायद आज महराजगंज शिक्षा के क्षेत्र में कभी अग्रणी नहीं बन पाता।
महराजगंज के किसानों की लड़ी लड़ाई
मुख्य नियंता डॉक्टर विपिन यादव ने कहा कि प्रोफेसर सक्सेना ने अपनी तपस्या और त्याग के आधार पर न सिर्फ अंग्रेजों को अपना लोहा मनवाया बल्कि महराजगंज के किसानों की लड़ाई भी लड़ते हुए अपने को अमिट कर लियाl
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए सिटीजन फोरम के सचिव डॉक्टर घनश्याम शर्मा, शमशुल हुदा खान मीडिया प्रभारी, डॉक्टर शांति शरण मिश्रा ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रोफेसर सक्सेना महराजगंज की जनता के मन: मस्तिष्क पर सदैव जीवित रहेंगे और अपने सब कर्मों और स्वाधीनता की लड़ाई में योगदान के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।
संगोष्ठी में महाविद्यालय के शिक्षक धर्मवीर डॉ. शैलेंद्र उपाध्याय, डॉ. नंदिता मिश्रा डॉक्टर ज्योत्सना पांडेय, वरिष्ठ लेखाकार श्रवण पटेल, डॉक्टर नेहा, अपर्णा राठी, अशोक कुमार, गुलाबचंद, अखिल राय, डा. सुनील तिवारी, अनिल सिंह, पशुपतिनाथ तिवारी, अंबरीश पटेल जगदीश नारायण शर्मा, रितेश त्रिपाठी, अखिलेश्वर राव, अखिलेश पाण्डेय, अमरेंद्र शर्मा, कामाख्या जायसवाल, संतोष राव, विधि नारायण सहित तमाम शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे l
Published : 20 October 2024, 4:21 PM IST
Topics : death anniversary Maharajganj Professor Shibban Lal Saxena गांधी पुण्यतिथि पूर्वाचल प्रोफेसर शिब्बन लाल सक्सेना श्रद्धांजलि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी