
महराजगंजः जिले के चार ब्लाकों में प्रधानमंत्री आवास एकदम शून्य के मामले में जल्द ही शासन से जांच टीम आ सकती है। डाइनामाइट न्यूज़ के संवाददाता के अनुसार जिम्मेदार अफसर पर कार्यवाही भी हो सकती है।
क्या है पूरा मामला
2018-19 में मिठौरा, नौतनवां, सदर और निचलौल ब्लॉक में सत्ता का ब्लॉक प्रमुख नहीं होने के कारण लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास देने में घोर अनदेखी की गई है। असल में लाभार्थियों का नाम आवास के लिए चयन कर के ग्राम स्तर से ब्लॉक को गया फिर वहां से कर्मियों को जीयो टैग करना था कि लाभार्थियों का मकान उसी के जमीन पर बनना हैं वही जियो टैग नहीं हुआ। जिसकी जांच शासन द्वारा जारी है, अब इसमें डाइनामाइट न्यूज़ को सूत्रों के अनुसार ताजा अपडेट यह मिला है कि जिले में किसी भी वक्त जांच टीमें आ सकती है।
इस संबंध में परियोजना निदेशक से जानकारी लेने पर उन्होंने अपना पल्ला झाडते हुये सीडीओ से जानकारी लेने को कहा। सीडीओ ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में तमाम ऐसे ब्लॉक हैं जहां तकनीक गड़बड़ी के कारण पीएम आवास नहीं मिल सका, और जहां तक जांच टीम आने की बात है तो जानकरी नहीं है।
जनपद-महराजगंज में आवास प्लस योजना में विभिन्न क्षेत्र पंचायतों के ग्राम सभाओं में विभागीय उदासीनता की वजह से हजारों लोग प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित हो गए हैं। जिम्मेदार लोगों ने समय से जियो टैग नहीं कराया, जिससे निचलौल ब्लाक, सदर ब्लाक और मिठौरा समेत नौतनवा ब्लाक में 32 ग्राम सभा में लाभार्थियों की संख्या शून्य हो गई है, जिन ग्राम पंचायतों में जियो टैग हुआ है, वो भी आधा अधूरा ही है। जिससे देश की महत्वाकांक्षी आवास योजना जिले में धराशायी हो गई।
शासन से जांच टीम आने की भनक लगते ही मंगलवार को आनन फानन में जिला विकास अधिकारी जगदीश तिवारी संग डीसी मनरेगा मिठौरा ब्लॉक पहुंचे और बीडीओ अजय लाल श्रीवास्तव के कमरे में लगभग घंटो मैराथन बैठक चलती रही।
Published : 7 October 2021, 1:38 PM IST
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