
लखनऊः यूपी की राजधानी लखनऊ के चर्चित अजीत सिंह हत्याकांड का आरोपी धनंजय सिंह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। लखनऊ पुलिस धनंजय सिंह की तलाश में जुटी थी और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम भी रखा गया था। लेकिन जौनपुर से जुड़े एक पुराने केस में वह प्रयागराज कोर्ट में पेश भी हुआ और जमानत मिलने के बाद फरार भी हो गया लेकिन लखनऊ पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। बताया जाता है कि लखनऊ पुलिस ने कोर्ट से धनंजय सिंह का रिमांड लेने तक की भी कोशिश नहीं की।
जौनपुर के पांच साल पुराने मामले में लगभग तीन सप्ताह से फतेहगढ़ जेल में बंद बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह को बुधवार को जमानत पर रिहा किया गया। लेकिन जमानत मिलने के बाद बताया जाता है कि उन्हें गुपचुप तरीके से उनके समर्थक लेकर निकल गये और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। लखनऊ में पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की हत्याकांड के मामले में यूपी पुलिस बाहुबली धनंजय सिंह की तलाश कर रही थी, और 25,000 का इनाम भी घोषित किया गया था।
बता दें कि साल 2017 में जौनपुर के खुटहन थाने में दर्ज पुराने मामले में धनंजय सिंह ने सरेंडर किया था। जिसके बाद उसे नैनी जेल भेज दिया गया था। वहां जेल में उसने जान का खतरा बताते हुए ट्रांसफर की अर्जी दी थी, जिसके बाद 11 मार्च को उसे फतेहगढ़ जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था। जेल में 25 दिन रहने के बाद उसे प्रयागराज की एमपी एमएलए कोर्ट से जमानत मिल गई। कोर्ट के आदेश के बाद धनंजय सिंह को बुधवार को फतेहगढ़ केंद्रीय कारगार से रिहा कर दिया गया।
धनंजय सिंह की कोर्ट में पेश जमानत पत्रावली के साथ ही फतेहगढ़ जेल से रिहाई पूरी तरह से गोपनीय रही। बताया जाता है कि लखनऊ पुलिस ने फतेहगढ़ जेल प्रशासन से धनंजय सिंह के बारे में सपंर्क तक नहीं किया। लखनऊ पुलिस ने कोर्ट में भी उसके रिमांड के लिये कोई अर्जी दाखिल की। जबकि लखनऊ पुलिस द्वारा धनंजय की गिरफ्तारी पर इनाम रखा गया था। लखनऊ पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाते हुए धनंजय सिंह पुराने केस में कोर्ट से जमानत मिलते ही फरार हो गया।
Published : 1 April 2021, 1:23 PM IST
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