
बिहार: एक गांव में एक महिला का ऐसा सच सामने आया है, जिसने सिस्टम पर ही बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक आंगनवाड़ी की सेविका शादी से पहले ही तीन बच्चों की मां बन गई है। ये सुनने में भले ही अटपटा लगे, लेकिन ये मामला सच है।
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झाझा प्रखंड के पैर गांव पंचायत अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 252 सबैजोर की सेविका नीतू कुमारी का चयन फर्जीवाड़ा से जुड़ा है। जब उनका और उनकी पहली बेटी की शैक्षणिक प्रमाण-पत्र मिलाया गया तो दोनों के उम्र में महज 11 साल 8 माह का अंतर पाया गया।
असल में मुखिया द्वारा निर्गत परित्यक्ता प्रमाण-पत्र के अनुसार आंगनवाड़ी सेविका की शादी साल 2006 में हुई थी। साल 2012 में उसका पति कपिलदेव प्रसाद वर्णवाल ने उसे छोड़ दिया था। जिसके बाद साल 2013 में संस्कृत शिक्षा बोर्ड से मध्यमा की परीक्षा का प्रमाण-पत्र पति कपिलदेव प्रसाद वर्णवाल ने ही रिसीव किया और 2015 के वोटर लिस्ट में सेविका नीतू के पति के रूप में कपिलदेव वर्णवाल का नाम शामिल है। जब RTI से जानकारी प्राप्त की गई तो इस फर्जीवाड़े का सच सामने आया।
RTI से प्राप्त जानकरी के अनुसार-
नीतू की जन्म तिथि 5 नवंबर 1987
- उसकी प्रथम पुत्री नेहा की जन्म तिथि: 6 जुलाई 1999
- पुत्र रवि रंजन की जन्म तिथि: 10 अक्टूबर 2002
- पुत्र रितेश रंजन की जन्म तिथि: 5 मई 2005
- मुखिया द्वारा निर्गत प्रमाण-पत्र में नीतू की शादी का वर्ष: 2006
- नीतू की परित्यक्ता का वर्ष: 2012
- मध्यमा परीक्षा उत्तीर्ण करने का वर्ष: 2013
आंगनबाड़ी सेविका पद पर चयनित होने का वर्ष 2014
Published : 5 September 2019, 12:21 PM IST
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