
नई दिल्ली: सरकार ने शुक्रवार को संशोधित एमएसएमई प्रतिस्पर्धी (लीन) योजना पेश की है, जिससे उद्यमों और अन्य हितधारकों को ज्यादा लाभ होगा।
संशोधित योजना के अंतर्गत, केंद्र सरकार का योगदान लागत मूल्य का 90 प्रतिशत होगा, जो पहले 80 प्रतिशत था। सरकार ने हर क्लस्टर में विशेष उद्देश्यीय कंपनी (एसपीवी) स्थापित करने की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया है।
इससे पहले योजना को लागू करने का समय 18 महीने था। हालांकि, संशोधित योजना के तहत इसे चरणों- मौलिक (दो महीने), मध्यम (छह महीने) और उन्नत (12 महीने) में विभाजित कर दिया है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सचिव बी बी स्वाइन ने कहा कि संशोधित योजना को दो चरणों में पेश किया जा रहा है। पहले चरण में विनिर्माण क्षेत्र को जबकि दूसरे चरण में सेवा क्षेत्र को शामिल किया जाएगा।
Published : 10 March 2023, 7:36 PM IST
Topics : Government MSME MSME Competitiveness Scheme उद्यम योजना सरकार संशोधित एमएसएमई प्रतिस्पर्धी हितधारक