
नई दिल्लीः वर्तमान में हम भले ही रोबोटिक वर्ल्ड में रह रहे हों, लेकिन भारत में बात अगर अंधविश्वास की करें तो इससे कोई अछूता नहीं है। हर तरफ अंधविश्वास की वजह से बुरा हाल है। सत्ता को लेकर भयभीत होने वाले अंधविश्वासी नेता भूत के किस कदर डरे हुए है, जाने इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में..
राजनेताओं को जनता का सेवक भी कहा जाता है और अगर जनता के सेवक ही अंधविश्वास में जीएंगे तो फिर भला देश कैसे चलेगा, यह बड़ा सवाल है।
आइए जानते हैं किन राजनेताओं को सताता है भूतों का डर
1.राजस्थान में नेताओं को विधानसभा में दिख रहा भूतः जयपुर के लालकोठी क्षेत्र में जो विधानसभा भवन है, उसका निर्माण श्मशान की कुछ जमीन पर किया गया था। यह भवन करीब 17 एकड़ में फैला हुआ है। वहीं भवन से करीब 200 मीटर दूरी पर मोक्षधाम बना हुआ है। यहां पर एक मजार भी पास में ही बनाई गई है।
यह तो बात हुई इसके निर्माण की अब मामले में ये चौंकाने वाला सच आया है कि 14वीं विधानसभा के अंतिम सत्र के आखिरी दिन विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष मेघवाल से आग्रह किया है कि इस विधानसभा भवन का शुद्धीकरण करवाया जाना चाहिए।
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जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री नंदलाल मीणा और सरकारी मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर का मानना है कि विधासभा भवन में बुरी आत्माओं का साया है। इसे लेकर पंडितों व वास्तु विशेषज्ञों को भी विधानसभा भवन परिसर दिखाया गया है जिस पर उन्होंने इसके उपाय भी इन नेताओं का बताए है।
2. बिहार में भी भूतों का डरः वहीं इससे पहले बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने मीडिया को दिए एक बयान में कहा था उन्होंने वह सरकारी कोठी छोड़ने का फैसला किया है जिसमें वो रह रहे हैं।
तेज प्रताप के मुताबिक जिस कोठी में वे रहते हैं उसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार औरल उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भूत छोड़ दिया है। यह भूत उन्हें रात को सोते समय परेशान करने लगता है। उन्हें रात को डरावनी चीजें नजर आती है। एक अजीब सा डर उनके अंदर बैठ गया है। जिससे वह काफी घबराए हुए है।
3. आंध्र प्रदेश के विधायक ने शमशान में बिताई रातः आंध्र प्रदेश के टीडीपी विधायक निम्माला रामानायडु ने भूतों से बचने के लिए न सिर्फ अपनी पूरी रात श्मशान घाट में गुजारी बल्कि वह अगली सुबह भी शमाशान में ही रुके।
उन्होंने वहां खाना भी खाया और खाट डालकर चादर तानकर सो गए। जब रात गुजर गई तो सुबह उठने के बाद वहीं नहाया-धोया और चाय पी। विधायक का कहना था कि लोगों के मन में भूत- प्रेत का डर है।
जिससे इस शमशान में कोई भी ठेकेदार व मजदूर काम करने को तैयार नहीं था। जिससे शमशान घाट में चल रहा निर्माण कार्य काफी लंबे समय से अटका पड़ा था। इसका टेंडर जारी होने के बाद भी ठेकेदार यहां भूतों के डर से काम नहीं कर रहा था। जिस वजह से उन्होंने यहां सोने के मन बनाया ताकी लोगों के मन से भूतों का डर मिटाया जा सके।
Published : 9 September 2018, 7:10 PM IST
Topics : अंधविश्वास झाड़ फूंक नेता भूत मंत्री विधानसभा सरकारी बंगला