
कौशाम्बी: जिले के पुलिस लाइन आवासीय परिसर में एक फॉलोअर की बेटी से शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के आरोप में यातायात सिपाही संजीव यादव का जल्द ही निलंबन हो सकता है। सदर कोतवाली में दर्ज मुकदमे के बाद सीओ ट्रैफिक ने अपनी जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी है। साथ ही, आरोपी सिपाही के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में फतेहपुर जिले के धाता क्षेत्र की एक महिला फॉलोअर अपने परिवार के साथ रहती है। इसी परिसर में यातायात सिपाही संजीव यादव भी निवास करता था। पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2022 में सिपाही ने उसे प्रेमजाल में फंसाकर शादी का वादा किया और बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान युवती गर्भवती हो गई। जब उसने शादी के लिए दबाव डाला, तो सिपाही बहाने बनाने लगा।
धोखे से कराया गर्भपात, फिर किया इनकार
पीड़िता का आरोप है कि सिपाही संजीव यादव ने धोखे से उसका गर्भपात करवा दिया और जबरन सादे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर भी ले लिए। लंबे समय तक वह शादी की बात को टालता रहा, लेकिन अंत में उसने शादी से इनकार कर दिया। जब युवती ने विरोध किया, तो सिपाही ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। परेशान होकर पीड़िता ने 26 फरवरी को सदर कोतवाली में आरोपी सिपाही के खिलाफ तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
विवेचना अधिकारी का तबादला, अब नए अधिकारी करेंगे जांच
इस मामले की जांच टेवां चौकी प्रभारी अवधराज यादव को सौंपी गई थी, लेकिन जांच शुरू होने से पहले ही उनका तबादला कर दिया गया। अब नवागत चौकी प्रभारी इस केस की जांच करेंगे। चर्चा यह भी है कि चूंकि घटना स्थल पुलिस लाइन था, इसलिए विवेचना टेवां चौकी प्रभारी को ही करनी थी। आरोपी सिपाही यादव बिरादरी से संबंधित है, इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए कि जांच निष्पक्ष हो, एसआई अवधराज का स्थानांतरण किया गया और नए अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई।
Published : 2 March 2025, 6:44 PM IST
Topics : abortion case crime news crime news in hindi Dynamite News fatehpur crime fatehpur police rape rape case Rape in Fatehpur rape pregnant traffic police rape