
नई दिल्ली: शराब नीति मामले में आरोपी मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान जांच एजेंसी ईडी ने कोर्ट में याचिका का विरोध करते हुए कहा कि गंभीर मामलों में ट्रायल में देरी आरोपी के लिए जमानत का आधार नहीं हो सकता। दरअसल, आप नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने राऊज एवेन्यू कोर्ट में अंतरिम जमानत की मांग की है. इस पर सुनवाई जारी है।
कोर्ट ने 12 अप्रैल को कोर्ट ने सीबीआई और ईडी को नोटिस जारी कर हफ्ते भर में अपना जवाब दाखिल करने को कहा था। सिसोदिया की ओर से चुनाव में प्रचार के लिए जमानत पाने के लिए याचिका लगाई गई है। इस पर सोमवार को दोनों जांच एजेंसियों ने अपने-अपने तर्क रखे और जमानत याचिका का विरोध किया। मामले में अब 20 अप्रैल को सीबीआई की दलीलें सुनी जाएंगी, इसके बाद कोर्ट जमानत याचिका पर फैसला देगा।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार सुनवाई के दौरान ईडी ने कोर्ट से कहा कि अगर मनीष सिसोदिया के वकील सिर्फ ट्रायल में देरी को लेकर जमानत के लिए दबाव बना रहे हैं तो इस मुद्दे को लेकर उनको हलफनामा देना चाहिए। पहले भी हमने कोर्ट को बताया है कि बड़ी संख्या में आवेदन दायर किए गए थे।
Published : 15 April 2024, 5:55 PM IST
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