
गोरखपुरः 82 साल की बूढ़ी मां ने आज सुबह अपना दम तोड़ दिया जब उसके ही बच्चों ने उसे तड़पते हुए मरने के लिए छोड़ दिया।
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फिल्म ‘बागवां’ की कहानी गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र के गोविंदपुर गांव में सच होती दिखाई दी है। जहां पर दर्द से कराहती 82 साल की छोहाड़ी देवी के तीन बेटे और एक बेटी ने कड़ाके की ठंड में अपनी मां को मरने के लिए छोड़ दिया। दर्द से कराहती बूढ़ी मां की आंखों के आंसू भी अब बेटों के इंतजार सूख चुके थे। छोहाड़ी देवी का आज सुबह निधन हो गया।
छोहाड़ी देवी के तीन बेटे और एक बेटी है। उनमें रणवीर सिंह, रामबरन सिंह दिल्ली में नौकरी करते हैं। सबसे छोटे बेटे सिकंदर विदेश में नौकरी करते हैं। सिकंदर की पत्नी बच्चों के साथ चेन्नई में हैं। बेटी पति के साथ दिल्ली में ही बस गई हैं। गांव वालों के मुताबिक सभी की माली हालत ठीक है, लेकिन संपत्ति के लालच में वे बेगाने हो चुके हैं। छोहाड़ी देवी के पति की मौत 10 साल पहले ही हो चुकी है। छोहाड़ी देवी लंबी बीमारी से जूझ रही थी, पर किसी भी बच्चे ने उनका ख्याल तक नहीं किया।
पर गांवके प्रधान प्रयाग सिंह का, जिन्होंने इलाज के इंतजाम की जिम्मेदारी उठाई। पर आज सुबह छोहाड़ी देवी की मौत हो गई, इसके बाद भी अभी तक उनके बच्चों की कोई खबर नहीं है।
Published : 24 December 2019, 4:32 PM IST
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