
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 205 स्वास्थ्य कर्मियों पर जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी सैलेरी रोक दी है। डीएम ने संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। डीएम की इस कार्रवाई से पूरे विभाग में हड़कंप मचा गया।
दरअसल गोरखपुर डीएम ने जिले के 22 स्वास्थ्य केंद्रों के औचक जांच के निर्देश दिए। औचक जांच के दौरान काम में कई स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही सामने आई। जांच के दौरान 22 स्वास्थ्य केंद्रों पर 52 डाक्टर समेत 205 स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित पाए गए। इन स्वास्थ कर्मियों पर कार्रवाई करते हुए डीएम ने उनकी एक दिन की सैलेरी रोक दी और अनुपस्थित होने का स्पष्टीकरण मांगा है।
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डीएम ने लोगों द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों की शिकायत पर जिले के 22 स्वास्थ्य केंद्रों की औचक जांच के निर्देश दिए। इसके लिए डीएम ने 22 टीमों का गठन किया। स्वास्थय केंद्रों की औचक जांच में पूरी सतर्कता बरती गई, जिसने स्वास्थ्य केंद्रों की पोल खोल दी। 98 % स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टर और कर्मी अनुपस्थित पाए गए।
स्वास्थ्य केंद्रों में दवाएं लेकर बाकी सभी सुविधाएं होने के बाद भी इसका लाभ रोगियों को नहीं मिल पा रहा है। डाक्टरों और कर्मियों के न रहने से स्वास्थ्य केंद्रों की सुविधा से लोग वंचित हो रहे हैं। जिसकी वजह से आम लोग प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाने को मजबूर हैं।
गोरखपुर डीएम कृष्णा करुणेश का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर अनुपस्थित मिले सभी डाक्टरों और स्टाफ की एक दिन सैलेरी अलगे आदेश तक रोक दी गई है। इन सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। आगे भी जांच कराई जाएगी। अगली बार अनुपस्थित मिलने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Published : 2 August 2022, 12:45 PM IST
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